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सुपौल में सांप के डंसने से 11 साल के बच्चे की मौत, सोते समय हुआ जहरीले जीव के काटने का एहसास

सुपौल में सांप के डंसने से 11 साल के बच्चे की मौत, सोते समय हुआ जहरीले जीव के काटने का एहसास

बिहार के सुपौल जिले में सांप के काटने से एक 11 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मृतक बच्चे के परिवार में मातम छा गया है। बताया जा रहा है कि बच्चा रात में खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने गया था। इसी दौरान नींद में उसे किसी जहरीले जीव के काटने का एहसास हुआ। जब तक परिजन कुछ समझ पाते, तब तक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

जानकारी के मुताबिक, घटना सुपौल जिले के एक गांव की है। मृतक बच्चा रोज की तरह रात में खाना खाने के बाद सोने चला गया था। देर रात अचानक उसकी नींद खुली और उसने परिजनों को बताया कि उसे किसी चीज ने काट लिया है। इसके बाद परिवार वालों ने बच्चे के शरीर पर देखा तो सांप के काटने जैसे निशान मिले।

बच्चे की हालत बिगड़ते देख परिजन घबरा गए और तुरंत उसे इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के लिए ले जाने के दौरान ही बच्चे की हालत काफी खराब हो गई और उसने दम तोड़ दिया।

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के मौसम में अक्सर सांप और अन्य जहरीले जीव घरों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में रात के समय सावधानी नहीं बरतने के कारण सांप काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार लोग जमीन पर सोते हैं या बिना जांचे बिस्तर पर लेट जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से गांवों में लोगों को सांप काटने की घटनाओं से बचाव को लेकर जागरूक करने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर इलाज मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने के बाद पीड़ित को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने से स्थिति गंभीर हो सकती है। अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम (ASV) के जरिए पीड़ित का इलाज किया जाता है। सुपौल की इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सावधानी बरतने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने का संदेश दिया है।

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