सुपौल में जल्द शुरू होगी हवाई सेवा, बीरपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए टेंडर जारी
बिहार लगातार हवाई क्षेत्र के विकास की दिशा में अग्रसर है। दरभंगा और पूर्णिया के बाद अब सुपौल जिले से भी जल्द ही हवाई जहाज उड़ान भरने वाले हैं। इस बात की जानकारी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी। उन्होंने कहा कि सुपौल जिले के बीरपुर एयरपोर्ट के विकास और अपग्रेड के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
बीरपुर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। इसके तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रीफैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर टर्मिनल भवन का निर्माण किया जाएगा, जो यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा।
इसके साथ ही एयरपोर्ट में प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन, और एयरपोर्ट से जुड़े अन्य आवश्यक भवनों का निर्माण भी किया जाएगा। यह सभी सुविधाएं एयरपोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने में मदद करेंगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य सुपौल जिले और आसपास के क्षेत्रों को सशक्त शहरी और ग्रामीण हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इससे न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति भी तेज होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बीरपुर एयरपोर्ट के संचालन से उत्तर बिहार और नेपाल की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होगा। इससे यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और समय की पाबंदी वाली यात्रा का विकल्प मिलेगा।
सुपौल एयरपोर्ट परियोजना के तहत सुरक्षा उपाय, आपातकालीन सेवाएं और आधुनिक तकनीकी प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के संचालन और रखरखाव के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद क्षेत्र में नौकरी के अवसर और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके अलावा, हवाई संपर्क के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी सुधार संभव है।
कुल मिलाकर, सुपौल का बीरपुर एयरपोर्ट परियोजना बिहार की हवाई यात्रा नेटवर्क को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टेंडर जारी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रवासियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि बिहार को राष्ट्रीय हवाई मानचित्र पर एक नई पहचान भी देगी।

