Samachar Nama
×

ट्रेन में खाने की गुणवत्ता पर AI की नजर, कैंटीन से लेकर फूड प्लाजा तक होगी कैमरों से मॉनिटरिंग

ट्रेन में खाने की गुणवत्ता पर AI की नजर, कैंटीन से लेकर फूड प्लाजा तक होगी कैमरों से मॉनिटरिंग

ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए रेलवे अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी में है। रेलवे की नई व्यवस्था के तहत एआई आधारित कैमरों के जरिए खानपान से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

नई निगरानी व्यवस्था के तहत रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में संचालित कैंटीन, कैटरिंग सेवाओं, जनआहार केंद्रों और फूड प्लाजा पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा ट्रेनों और खानपान से जुड़े स्थानों पर चूहों और कॉकरोच जैसे कीटों की मौजूदगी की भी निगरानी की जाएगी। एआई तकनीक के माध्यम से कैमरों से मिलने वाले फुटेज का विश्लेषण कर संदिग्ध या अस्वच्छ गतिविधियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

रेलवे में यात्रियों के लिए खानपान व्यवस्था लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रही है। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए रेलवे के अलावा अधिकृत कैटरिंग एजेंसियां भी काम करती हैं। बड़ी संख्या में यात्रियों के कारण इन स्थानों पर साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में तकनीक आधारित निगरानी को व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

एआई आधारित कैमरों की मदद से सिर्फ खाद्य सामग्री की निगरानी ही नहीं, बल्कि खानपान वाले क्षेत्रों की स्वच्छता पर भी नजर रखी जा सकती है। यदि किसी स्थान पर साफ-सफाई में कमी, असामान्य गतिविधि या कीटों की मौजूदगी दिखाई देती है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे शिकायत मिलने का इंतजार किए बिना संभावित समस्या पर ध्यान दिया जा सकेगा।

ट्रेनों में चूहों और कॉकरोच की मौजूदगी यात्रियों के लिए असुविधा के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी चिंता भी पैदा करती है। रेलवे की प्रस्तावित एआई निगरानी व्यवस्था में इनकी गतिविधियों पर भी नजर रखने की बात कही गई है। इससे प्रभावित स्थानों की पहचान कर समय रहते सफाई और कीट नियंत्रण संबंधी कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

नई तकनीक का एक उद्देश्य खानपान सेवाओं में जवाबदेही बढ़ाना भी है। कैमरों से होने वाली निगरानी के कारण कैटरिंग कर्मचारियों और अन्य संबंधित एजेंसियों को स्वच्छता मानकों का पालन करने के लिए अधिक सतर्क रहना पड़ेगा। इससे यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

हालांकि एआई आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद इसके प्रभावी संचालन और नियमित समीक्षा की भी जरूरत होगी। कैमरों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर समय पर कार्रवाई हो, तभी इसका वास्तविक लाभ यात्रियों को मिल सकेगा। रेलवे की यह पहल सफल रहती है तो भविष्य में स्वच्छता और खानपान से जुड़ी निगरानी के अन्य क्षेत्रों में भी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है।

Share this story

Tags