Samachar Nama
×

पटना के नीट छात्रा कांड के बाद बिहार सरकार ने उठाया बड़ा कदम, छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी

पटना के नीट छात्रा कांड के बाद बिहार सरकार ने उठाया बड़ा कदम, छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी

हाल ही में पटना में हुए नीट छात्रा कांड ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है और इस घटना ने सरकार की सख्ती और संवेदनशीलता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, बिहार सरकार ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्यभर के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब राज्य में चल रहे प्रत्येक गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इस दिशा-निर्देश का उद्देश्य न केवल छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि उन्हें समान अवसर और सम्मान के साथ सुरक्षित जीवन प्रदान करना भी है। सरकार के मुताबिक, पंजीकरण प्रक्रिया में हॉस्टल और लॉज के सभी सुरक्षा उपायों का आकलन किया जाएगा, ताकि कोई भी महिला असुरक्षित महसूस न करे।

बिहार की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में कहा है कि “महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। राज्य में कोई भी महिला असुरक्षित नहीं रह सकती और सरकार इसके लिए हर संभव कदम उठा रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय नीट छात्रा कांड जैसी घटनाओं से सबक लेने के बाद लिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके।

नए दिशा-निर्देशों के तहत, हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में सुरक्षा गार्ड, CCTV कैमरे, इमरजेंसी अलार्म सिस्टम और नियमित निरीक्षण अनिवार्य होंगे। इसके अलावा, हॉस्टल प्रशासन को महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं की शिकायतें सुनने और समय पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी हॉस्टल और लॉज में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिहार में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को अक्सर असुरक्षा और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। पंजीकरण और निगरानी व्यवस्था से न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि उनके लिए आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीना भी आसान होगा।

साथ ही, राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि पंजीकृत हॉस्टल और लॉज समय-समय पर सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुसार निरीक्षण करवाएं। इसके उल्लंघन पर संबंधित प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

राज्य के शिक्षा और महिला कल्याण विभाग ने भी कहा है कि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इस दिशा में सरकार निजी संस्थाओं, हॉस्टल संचालकों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगी।

पटना के नीट छात्रा कांड ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था और इसने स्पष्ट कर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब और कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिहार सरकार के इस निर्णय को सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं का जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। राज्य सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और भविष्य में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए और भी कई कदम उठाए जाएंगे।

Share this story

Tags