बांकीपुर हार के बाद राजद में बढ़ी अंदरूनी कलह, भाई वीरेंद्र और शक्ति यादव आमने-सामने
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में मंथन के बजाय अंदरूनी घमासान तेज होता नजर आ रहा है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र और राजद नेता शक्ति यादव के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है। दोनों नेताओं के एक-दूसरे पर लगाए जा रहे आरोपों ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह बेवजह बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "वह खामोश रहें, नहीं तो मैं उनकी पोल खोल दूंगा।" उनके इस बयान ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
दूसरी ओर, शक्ति यादव भी लगातार पार्टी की चुनावी रणनीति और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद उन्होंने संगठन और चुनाव प्रबंधन पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव में अपेक्षा से खराब प्रदर्शन के बाद राजद के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। पार्टी के कई नेता चुनावी हार के कारणों को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं, जिससे अंदरूनी मतभेद और गहरे होते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, राजद नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व जल्द ही नेताओं के साथ बैठक कर स्थिति को संभालने और संगठन में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश कर सकता है।
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद राजद के भीतर बढ़ती बयानबाजी ने विपक्षी दलों को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और आगामी राजनीतिक रणनीति क्या रहती है।

