पीएचडी के बाद नौकरी नहीं मिली तो शुरू किया गोबर से खाद बनाने का काम, आज जैविक खेती से बदल दी अपनी पहचान
मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की कहानी अक्सर उन लोगों से सामने आती है, जो मुश्किल हालात में भी हार नहीं मानते। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी उस शख्स की है, जिसने जैवि खेती में पीएचडी करने के बाद भी नौकरी न मिलने पर गांव लौटकर वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) बनाना शुरू किया। शुरुआत में लोगों ने उनका मजाक उड़ाया, लेकिन आज वही काम उनकी पहचान बन गया है।उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान उनके पास किताबों का ज्ञान तो था, लेकिन रोजगार का अवसर नहीं मिल पा रहा था। पीएचडी पूरी करने के बाद उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने गांव लौटकर अपनी शिक्षा को खेती और पर्यावरण के क्षेत्र में इस्तेमाल करने का फैसला किया।
जब उन्होंने वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम शुरू किया तो समाज के कुछ लोगों ने ताने मारने शुरू कर दिए। लोग कहते थे, “डॉक्टर होकर गोबर का काम करने लग गए, क्या इसी दिन के लिए इतनी पढ़ाई की थी?” लेकिन उन्होंने लोगों की बातों को नजरअंदाज करते हुए अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने जैविक खाद बनाने की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया और किसानों को इसके फायदे समझाने लगे। आज उनका काम न सिर्फ सफल हो चुका है, बल्कि कई किसानों के लिए प्रेरणा भी बन गया है।
उनका कहना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। अगर किसी काम को सही सोच और मेहनत के साथ किया जाए तो वही सफलता का रास्ता बन सकता है। उन्होंने अपनी पढ़ाई का उपयोग खेती को बेहतर बनाने और किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ाने में किया।वर्मी कंपोस्ट के जरिए उन्होंने न सिर्फ खुद के लिए रोजगार का साधन तैयार किया, बल्कि जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी योगदान दिया। उनका मानना है कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करके किसान अपनी जमीन की उर्वरता और उत्पादन क्षमता को बेहतर बना सकते हैं।
आज जो लोग कभी उनके काम का मजाक उड़ाते थे, वही उनकी सफलता की तारीफ करते हैं। उनकी कहानी साबित करती है कि सफलता केवल नौकरी पाने से नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और हुनर का सही इस्तेमाल करने से भी हासिल की जा सकती है। यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो नौकरी की तलाश में निराश हो जाते हैं। अपने कौशल और सोच के दम पर कोई भी व्यक्ति नया रास्ता बनाकर आगे बढ़ सकता है।

