बिहार के बाद अब UP पर नजर! चिराग पासवान की पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बढ़ाई सक्रियता
केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan की पार्टी Lok Janshakti Party (Ram Vilas) अब बिहार के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। बिहार की सियासत में लगातार सक्रिय भूमिका निभाने के बाद पार्टी अब उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार और राजनीतिक जमीन तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में इसे चिराग पासवान की बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए यूपी में दलित और युवा वोटर्स के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
यूपी में संगठन विस्तार पर जोर
सूत्रों के मुताबिक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संगठन मजबूत करने पर फोकस कर रही है। पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जोड़ने की तैयारी चल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना किसी भी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा रखने वाली पार्टी के लिए अहम माना जाता है।
बिहार मॉडल को यूपी में दोहराने की कोशिश?
चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। युवा चेहरे और आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण उन्होंने खासकर युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी अब उसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में भी लागू करने की कोशिश कर सकती है। खासतौर पर दलित, पिछड़े और युवा वर्ग को साधने की रणनीति पर जोर दिया जा सकता है।
NDA समीकरणों पर भी नजर
चिराग पासवान मौजूदा समय में NDA का हिस्सा हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सक्रियता को NDA की व्यापक रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि पार्टी यूपी में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है या भविष्य में किस तरह के राजनीतिक गठबंधन बन सकते हैं।
विपक्ष की भी बढ़ी नजर
चिराग पासवान की बढ़ती सक्रियता पर विपक्षी दलों की भी नजर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि LJP (रामविलास) उत्तर प्रदेश में प्रभावी तरीके से संगठन खड़ा करने में सफल रहती है, तो इसका असर कई सीटों के समीकरण पर पड़ सकता है।
आने वाले महीनों में पार्टी की रणनीति, जनसभाएं और संगठन विस्तार अभियान यह तय करेंगे कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में चिराग पासवान कितनी बड़ी भूमिका निभा पाते हैं।

