Samachar Nama
×

भागलपुर जेल में बनेंगी किफायती और टिकाऊ हवाई चप्पलें, कैदी सीखेंगे हुनर और बढ़ेगी आमदनी

भागलपुर जेल में बनेंगी किफायती और टिकाऊ हवाई चप्पलें, कैदी सीखेंगे हुनर और बढ़ेगी आमदनी

भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा में अब किफायती और टिकाऊ हवाई चप्पलें तैयार की जाएंगी। जेल प्रशासन ने बंदियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह पहल शुरू करने की तैयारी की है। चप्पल निर्माण के जरिए बंदियों को नया हुनर सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे जेल से बाहर निकलने के बाद भी वे इस कौशल का इस्तेमाल रोजगार हासिल करने में कर सकेंगे।

जेल में पहले से ही बंदियों को अलग-अलग तरह के काम और प्रशिक्षण से जोड़ने की कोशिश की जाती रही है। इसी कड़ी में हवाई चप्पल निर्माण की योजना को जोड़ा गया है। इसके तहत बंदियों को चप्पल बनाने की प्रक्रिया से लेकर तैयार उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने तक की जानकारी दी जाएगी।

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य बंदियों को खाली समय में सकारात्मक और उपयोगी गतिविधियों से जोड़ना है। काम के जरिए उन्हें व्यावसायिक कौशल हासिल करने का मौका मिलेगा। साथ ही जेल में तैयार होने वाले उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय का लाभ निर्धारित नियमों के तहत बंदियों को भी मिल सकता है।

हवाई चप्पलों को किफायती रखने के साथ उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए चप्पल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, डिजाइन और उत्पादन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाएगा। कोशिश होगी कि जेल में तैयार उत्पाद बाजार में उपलब्ध सामान्य चप्पलों के मुकाबले कीमत और मजबूती के मामले में लोगों के लिए उपयोगी साबित हों।

जेल प्रशासन की ऐसी योजनाओं का उद्देश्य केवल उत्पाद तैयार करना नहीं, बल्कि बंदियों में काम के प्रति रुचि और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। प्रशिक्षण मिलने से बंदियों के भीतर आत्मविश्वास बढ़ सकता है और वे अपने भविष्य के लिए रोजगार का विकल्प तैयार कर सकते हैं।

इस परियोजना के तहत उत्पादन शुरू होने के बाद तैयार चप्पलों को निर्धारित माध्यमों से बाजार तक पहुंचाने की योजना भी बनाई जा सकती है। इससे जेल में संचालित कौशल विकास और रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा में शुरू होने वाली यह पहल बंदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि परियोजना सफल रहती है तो आने वाले समय में अन्य उपयोगी वस्तुओं के निर्माण और प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ाया जा सकता है। इससे बंदियों को हुनर मिलेगा और जेल से बाहर आने के बाद सम्मानजनक तरीके से रोजगार की राह आसान हो सकेगी।

Share this story

Tags