बिहार में ‘पिरकी गैंग’ का अनोखा तरीका — पान‑मसाले की पिरकी फेंककर बुजुर्गों से लूट
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में एक अलग तरह का अपराधी गिरोह सक्रिय हुआ है, जो बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रहे बुजुर्गों और कुछ मामलों में महिलाओं को अपना निशाना बना रहा है। इस गिरोह का अजीबोगरीब तरीका है — पहले व्यक्ति के ऊपर पान‑मसाले की पिरकी थूक देता है, फिर “साफ करने” के बहाने उनसे उनके पैसे या जेब की रकम छीन लेता है। यह घटना कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मुख्य शाखा के पास हुई थी, जब एक वृद्ध व्यक्ति शिकार बना।
पुलिस के अनुसार, रामदेव चौधरी नामक वृद्ध व्यक्ति बैंक से लगभग दो लाख रुपये निकालकर घर जा रहे थे। तभी दो अज्ञात व्यक्ति उनके पास आए। एक व्यक्ति ने अचानक उनके शर्ट पर पान‑मसाले की पिरकी फेंकी और दूसरा व्यक्ति बुजुर्ग को यह कहकर मदद करने लगा कि वह इसे साफ कर दें। बुजुर्ग जैसे ही झुककर पान‑मसाले को साफ करने लगे, उसी वक्त दूसरा अपराधी उनके साथ रखा झोला छीनकर भाग गया।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र में लगी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास शुरू कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शारीरिक संपर्क के बहाने यह गिरोह पहले से योजनाबद्ध रूप से बुजुर्गों को निशाना बना रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई में गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरा अभी फरार बताया जा रहा है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान आकाश कुमार के रूप में हुई है, जो पटना के बाढ़ इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि उसके कब्जे से लूटे हुए कुछ धनराशि भी बरामद की गई है। वहीं फरार दूसरे अपराधी की खोज में लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही उसे भी पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कटिहार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिजीत कुमार सिंह ने बताया कि यह गिरोह बूढ़े और अनुभवहीन नागरिकों को ट्रैप करने के लिए पान‑मसाले के पिरकी जैसे साधारण दिखने वाले व्यवहार का इस्तेमाल कर रहा है। पीड़ितों के शारीरिक आसपास के लोगों की सहायता से इस गिरोह ने पहले भी कुछ ऐसे वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है, जिसके बारे में अभी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह योजना‑बद्ध तरीके से अपने शिकार को भ्रमित करके उनके जेब या बैग में रखे कैश और मूल्यवान वस्तुएं छीन लेता है। इन अपराधियों का यह तरीका बिल्कुल नया है — जहां शब्दों और व्यवहार से बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया जाता है कि उनकी मदद की जा रही है, जबकि वास्तव में वे उनसे ही माल की चोरी कर रहे होते हैं।
इस मामले ने एक बार फिर से यह सवाल खड़े कर दिया है कि वृद्ध नागरिकों को बैंक लेन‑देन और लौटते समय सतर्क रहने की ज्यादा आवश्यकता है। पुलिस ने भी लोगों को चेतावनी दी है कि इस तरह के गिरोह से सावधान रहें तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और सभी आरोपियों को जल्द पकड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि ऐसे गिरोहों पर रोक लगाई जा सके।

