पटना एयरपोर्ट पर रनवे के पास मंडरा रहे पक्षियों का झुंड, इंडिगो की फ्लाइट वाराणसी डायवर्ट; मंत्री समेत 167 यात्री परेशान
पटना एयरपोर्ट पर रनवे के पास पक्षियों का झुंड नजर आने के बाद सुरक्षा कारणों से इंडिगो की दिल्ली-पटना-दिल्ली सेक्टर की फ्लाइट को वाराणसी डायवर्ट करना पड़ा। इंडिगो की फ्लाइट 6E 2453 शाम करीब 4:15 बजे पटना पहुंची थी, लेकिन रनवे के आसपास पक्षियों की मौजूदगी के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी ने विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी।
लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने के बाद विमान ने कुछ देर तक आसमान में चक्कर लगाए। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए एटीसी ने विमान को पटना एयरपोर्ट पर उतारने के बजाय वाराणसी भेजने का फैसला लिया। विमान में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत कुल 167 यात्री सवार थे। अचानक विमान के डायवर्ट होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पटना एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों का झुंड होना विमान संचालन के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जाता है। लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान पक्षियों के विमान से टकराने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। इसी तरह के खतरे को देखते हुए एटीसी ने सावधानी बरतते हुए विमान को पटना में उतरने की अनुमति नहीं दी और उसे वाराणसी डायवर्ट कर दिया।
विमान के वाराणसी पहुंचने के बाद यात्रियों को पटना पहुंचने के लिए कुछ समय और इंतजार करना पड़ा। बाद में इंडिगो का यही विमान शाम करीब 6:20 बजे वाराणसी से पटना पहुंचा। इस तरह विमान के डायवर्ट होने के कारण यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई और पटना पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
वहीं, इस विमान से पटना से दिल्ली जाने वाले यात्रियों पर भी इसका असर पड़ा। विमान के निर्धारित समय पर पटना नहीं पहुंच पाने के कारण दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी इंतजार करना पड़ा। यात्रियों को फ्लाइट के दोबारा पटना पहुंचने के बाद आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।
एयरपोर्ट पर पक्षियों की मौजूदगी को लेकर समय-समय पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। एयरपोर्ट प्रशासन के लिए रनवे और उसके आसपास के क्षेत्र को पक्षियों से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए अलग-अलग उपाय किए जाते हैं, ताकि विमान संचालन के दौरान बर्ड हिट जैसी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
इस घटना में किसी तरह की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को पहले वाराणसी भेजा गया। हालांकि, फ्लाइट डायवर्ट होने से 167 यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। घटना के बाद यात्रियों को विमान के पटना लौटने का इंतजार करना पड़ा।
पटना एयरपोर्ट पर हुई इस घटना ने एक बार फिर रनवे के आसपास पक्षियों की मौजूदगी से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान खींचा है। विमान परिचालन के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर और उसके आसपास पक्षियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखना बेहद जरूरी है।

