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सीवान के कटवार गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़, बेटा अबू धाबी जेल में आठ महीने से बंद

सीवान के कटवार गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़, बेटा अबू धाबी जेल में आठ महीने से बंद

बिहार के सीवान जिले के आंदर प्रखंड के कटवार गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का बेटा अबू धाबी जेल में लगभग आठ महीने से बंद है, जिसके कारण परिवार के सदस्यों को गहरा सदमा लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि परिवार अब मदद की गुहार सीएम नीतीश कुमार, यूपी के सीएम और विदेश मंत्रालय तक पहुंचा चुका है।

परिवार के अनुसार, उनका बेटा विदेश में नौकरी के सिलसिले में गया था, लेकिन किसी कारणवश अबू धाबी जेल में बंद हो गया। परिवार का कहना है कि इतनी लंबी अवधि तक जेल में रहने के बावजूद उन्हें किसी भी तरह की समान्य जानकारी या न्यायिक सहायता नहीं मिल रही है। इस स्थिति ने घर के लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से भी कमजोर कर दिया है।

परिजन ने बताया कि अबू धाबी में कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक मदद की जानकारी जुटाना उनके लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन और राजनयिक माध्यमों से मदद की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं मिल पाया है। परिवार की चिंता का मुख्य कारण यह है कि बेटे का स्वास्थ्य और सुरक्षा अबू धाबी जेल में सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।

परिवार ने सीएम नीतीश कुमार और यूपी के मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मदद की अपील की है। इसके अलावा उन्होंने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और संबंधित राजनयिक अधिकारियों से भी गुहार लगाई है कि वे जल्द से जल्द उनके बेटे तक न्याय और सहायता पहुंचाने का प्रयास करें।

स्थानीय ग्रामीण और परिजन भी परिवार के समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि समाज और नागरिक सुरक्षा के नजरिए से भी चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन और राजनयिक अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में किसी भी नागरिक की कानूनी सुरक्षा और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है। इस तरह की लंबी अवधि तक जेल में बंद रहने की स्थिति में परिवार को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना करना पड़ता है।

परिवार ने मीडिया के माध्यम से भी मदद की अपील की है ताकि उनके बेटे की सुरक्षित रिहाई या कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी स्तर पर न्याय और समर्थन की आवश्यकता है।

सीवान जिले के कटवार गांव में यह मामला स्थानीय प्रशासन और मीडिया के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। परिजन लगातार गुहार लगा रहे हैं कि उनके बेटे तक न्याय और सहायता पहुंचे।

इस दुखद घटना ने यह भी उजागर किया है कि विदेश में काम कर रहे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को कभी-कभी कानूनी और प्रशासनिक सहायता मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस मामले में प्रशासन और विदेश मंत्रालय की सक्रिय भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

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