लाइक, शेयर, फॉलो का जानलेवा चस्का; स्टंट वाली सेल्फी निगल गई 53 जिन्दगी, एनएच बने रेड जोन
सोशल मीडिया पर लाइक, शेयर और फॉलोअर्स बढ़ाने का क्रेज काफी हद तक खतरनाक साबित हो रहा है। जरा सी चूक और एक खूबसूरत सेल्फी के चक्कर में बीते एक साल में सूबे के 23 जिलों में एनएच पर 53 लोगों की जान चली गई। इन सड़क हादसों में सर्वाधिक शिकार नाबालिग व युवा हुए हैं, जो चलती गाड़ियों के बीच या खतरनाक मोड़ों पर सेल्फी लेने और स्टंट दिखाने के दौरान काल के गाल में समा गए।
इस तरह की स्थिति को देखते हुए परिवहन मुख्यालय ने सड़कों पर इस तरह की घटना को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसे अगले साल से सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान एक विशेष अभियान के रूप में शामिल करने का बड़ा फैसला किया है।
पलक झपकते ही काल बन जाती हैं तेज रफ्तार गाड़ियां
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के दौरान लोग अक्सर प्राकृतिक सुंदरता या रोमांच के नाम पर अपनी गाड़ियों को सड़क किनारे या बीच हाईवे पर रोक देते हैं। इसके बाद बिना यह सोचे कि पीछे से आ रही गाड़ियों की रफ्तार कितनी तेज है, वे सेल्फी लेने या रील्स बनाने लगते हैं। कई मामलों में पलक झपकते ही तेज रफ्तार वाहन इनको रौंदते हुए निकल जाते हैं।
सर्वाधिक जान गंवा रहे नाबालिग और युवा
सेल्फी के चक्कर में हादसों का शिकार होने वालों में सबसे बड़ी संख्या नाबालिगों और युवाओं की है। बाइक स्टंट करते हुए वीडियो शूट करना, चलती गाड़ी की खिड़की से बाहर निकलकर फोटो खींचना इन दिनों युवाओं में ट्रेंड बनता जा रहा है।
इन जिलों में सबसे अधिक घटनाएं
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु समेत अन्य जगहों पर स्टंट और रील्स बनाने के चक्कर में दुर्घटनाएं हुई हैं। सीमांचल के पूर्णिया और एनएच-31 और 57 पर 17 से अधिक लोगों की मौत हुई है। पटना और आसपास के क्षेत्र में हाईवे पर सबसे अधिक युवाओं की जान गई है। मुजफ्फरपुर व बेगूसराय में 10 से अधिक मौत, गया, औरंगाबाद, रोहतास पहाड़ी पर रील बनाने में कई हादसे हुए हैं।

