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बिहार के सीतामढ़ी में सड़क हादसे में कक्षा 7 के छात्र की दर्दनाक मौत, परिवार में मातम

बिहार के सीतामढ़ी में सड़क हादसे में कक्षा 7 के छात्र की दर्दनाक मौत, परिवार में मातम

बिहार के सीतामढ़ी जिले से मानवता को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के पुपरी थाना क्षेत्र के झझी-हट गांव के पास एक सड़क हादसे में कक्षा 7 का छात्र रितेश कुमार उर्फ गोलू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। रितेश अपने पिता संतोष दास के पुत्र थे और रोज की तरह पढ़ाई के लिए निकले थे, लेकिन यह सुबह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह बन गई।

स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, रितेश सुबह कोचिंग के लिए निकल रहे थे। हादसा उस समय हुआ जब वह सड़क पार कर रहे थे। हादसे की वजह क्या थी, इस पर जांच अभी जारी है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र सड़क सुरक्षा के लिहाज से बहुत संवेदनशील है और यहां तेज रफ्तार वाहनों का आना-जाना आम है।

घटना की सूचना मिलते ही पुपरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में आगे की जांच शुरू कर दी है और आसपास के CCTV फुटेज तथा घटनास्थल के गवाहों से पूछताछ की जा रही है।

हादसे के बाद रितेश के माता-पिता और पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। पिता संतोष दास ने कहा, “मैंने उसे अपनी आँखों के सामने स्कूल भेजा था, और मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा कि अब वह हमारे बीच नहीं है। वह बहुत होशियार और पढ़ाई में अच्छा था। हम इस दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते।”

स्थानीय निवासियों का कहना है कि झझी-हट गांव के पास की सड़क काफी खतरनाक है। सड़क चौड़ी नहीं है और अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं। लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने, गति सीमा तय करने और स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा एक गंभीर समस्या है। पर्याप्त चेतावनी संकेतक, सड़क पार करने के लिए चिन्हित ज़ोन और धीमी गति सीमा जैसी सावधानियों का अभाव अक्सर इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण बनता है।

रितेश के सहपाठी और कोचिंग के शिक्षक भी इस हादसे से गहरे सदमे में हैं। शिक्षक ने कहा कि रितेश पढ़ाई में तेज और अनुशासित था। वह हमेशा समय पर कोचिंग जाता और सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। उसकी अचानक मौत ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस ने मृतक के परिवार को सांत्वना दी है और दुर्घटना की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के उपायों को बढ़ाने और बच्चों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यह दर्दनाक हादसा न केवल रितेश के परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए चेतावनी का संकेत है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना अब और जरूरी हो गया है। रितेश की असमय मौत ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर समाज की आंखें खोल दी हैं।

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