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पटना में फेसबुक के फर्जी विज्ञापन से कारोबारी के साथ ठगी, वित्त विभाग के नाम पर निवेश का झांसा देकर उड़ाए पैसे

पटना में फेसबुक के फर्जी विज्ञापन से कारोबारी के साथ ठगी, वित्त विभाग के नाम पर निवेश का झांसा देकर उड़ाए पैसे

बिहार की राजधानी पटना में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी फेसबुक पर दिखाए गए फर्जी विज्ञापन के जाल में फंस गए। बताया जा रहा है कि यह विज्ञापन वित्त विभाग के नाम से जारी किया गया था। इसके जरिए निवेश का लालच देकर कारोबारी को ठगी का शिकार बनाया गया। घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सरकारी विभागों के नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाने वाले साइबर अपराधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

वित्त विभाग के नाम से जारी किया गया फर्जी विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, पटना के एक कारोबारी ने फेसबुक पर वित्त विभाग के नाम से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में निवेश से जुड़ा प्रस्ताव दिया गया था, जिससे प्रभावित होकर कारोबारी ने उसमें रुचि दिखाई। आरोप है कि इसी विज्ञापन के जरिए उन्हें निवेश के नाम पर पैसे लगाने के लिए तैयार किया गया।

सरकारी विभाग के नाम का इस्तेमाल किए जाने के कारण विज्ञापन पर भरोसा करना कारोबारी को भारी पड़ गया। हालांकि, विज्ञापन में किस योजना का जिक्र किया गया था और ठगी की कुल रकम कितनी है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

निवेश के नाम पर ठगी का आरोप

सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़े आकर्षक प्रस्तावों के जरिए लोगों को निशाना बनाने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। साइबर ठग कई बार सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों या जानी-मानी कंपनियों के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।

पटना के इस मामले में भी वित्त विभाग के नाम से विज्ञापन जारी किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे विज्ञापनों के जरिए लोगों को निवेश पर लाभ मिलने का भरोसा दिलाया जा सकता है। लेकिन किसी प्रस्ताव की वास्तविकता की जांच किए बिना पैसे लगाना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

कैसे बचें ऐसे साइबर फ्रॉड से?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी निवेश विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि किसी विज्ञापन में सरकारी विभाग का नाम दिया गया है, तो उसकी पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यम से करनी चाहिए।

निवेश करने से पहले योजना की वैधता, संबंधित संस्था का पंजीकरण और भुगतान के लिए दिए गए बैंक खाते की जानकारी जांचना जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, बैंक विवरण, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

शिकायत करना क्यों है जरूरी?

यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे जल्द से जल्द साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

फिलहाल, पटना के कारोबारी से जुड़ी इस घटना में ठगी की पूरी रकम, विज्ञापन के जरिए संपर्क करने वाले लोगों और जांच की स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। यह मामला सोशल मीडिया पर निवेश के नाम पर किए जाने वाले फर्जीवाड़े से सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित करता है।

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