नालंदा के 50 मुखिया जाएंगे ओडिशा स्टडी टूर पर, मॉडल पंचायतों से सीखेंगे विकास के गुर; मयूरभंज और गंजाम का करेंगे दौरा
बिहार के नालंदा जिले के 50 मुखिया अब ओडिशा की मॉडल पंचायतों का अध्ययन करेंगे। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने और गांवों के विकास के नए तरीकों को समझने के उद्देश्य से मुखियाओं को स्टडी टूर पर भेजा जा रहा है। इस दौरान वे ओडिशा के मयूरभंज और गंजाम जिलों का भ्रमण करेंगे और वहां की पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों, योजनाओं के संचालन और ग्रामीण प्रबंधन की जानकारी लेंगे।
इस स्टडी टूर का मुख्य उद्देश्य नालंदा की पंचायतों में बेहतर विकास मॉडल को लागू करना है। मुखिया ओडिशा की उन पंचायतों का दौरा करेंगे, जहां स्वच्छता, जल प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल सुविधाओं के क्षेत्र में बेहतर काम किया गया है। ओडिशा की कई पंचायतों को ग्रामीण विकास के सफल मॉडल के रूप में देखा जाता है।
स्टडी टूर के दौरान नालंदा के जनप्रतिनिधि पंचायतों में संचालित योजनाओं की जानकारी जुटाएंगे। वे यह समझेंगे कि सीमित संसाधनों में किस तरह से गांवों का विकास किया जा सकता है। इसके अलावा पंचायत सरकार भवन, ग्रामीण रोजगार योजनाएं, सामुदायिक भागीदारी और प्रशासनिक व्यवस्था के मॉडल का भी अध्ययन किया जाएगा।
मयूरभंज और गंजाम जिलों का चयन खास वजहों से किया गया है। मयूरभंज जिले में ग्रामीण विकास, जनजातीय क्षेत्रों के उत्थान और स्थानीय स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कई पहलें की गई हैं। वहीं गंजाम जिला भी पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रयोगों के लिए जाना जाता है।
नालंदा के मुखिया इस दौरे से लौटने के बाद अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में सीखी गई व्यवस्थाओं को लागू करने का प्रयास करेंगे। इससे गांवों में विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पंचायती राज विभाग की ओर से इस तरह के प्रशिक्षण और अध्ययन दौरों को ग्रामीण नेतृत्व क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि दूसरे राज्यों के सफल पंचायत मॉडल को समझने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नई सोच और बेहतर कार्य प्रणाली अपनाने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ओडिशा के कई मॉडल देशभर में चर्चा में रहे हैं। वहां पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाने और उन्हें जमीन पर लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसी अनुभव को नालंदा की पंचायतों तक पहुंचाने के लिए यह पहल की जा रही है।
इस स्टडी टूर के जरिए नालंदा के मुखिया न सिर्फ ओडिशा की विकास योजनाओं को करीब से देखेंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए नए विचार भी लेकर लौटेंगे। उम्मीद है कि इससे जिले की पंचायतों में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।

