'33 फीट लंबा और 2 लाख किलो वजन...' मोतिहारी में स्थापित हुआ दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, देखे वीडियो
आज बिहार के मोतिहारी के केसरिया के कठवलिया गांव में बन रहे विराट रामायण मंदिर के आंगन में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया गया। यह मंदिर 120 एकड़ ज़मीन पर बनाया जा रहा है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा रामायण मंदिर बताया जा रहा है। यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 2500 किलोमीटर से ज़्यादा का सफ़र तय करके बिहार पहुंचा, जिसमें 40 से ज़्यादा दिन लगे। इस शिवलिंग को बनाने में 10 साल लगे, जो ग्रेनाइट पत्थर से बना है और इसमें 1008 छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं। इसे बनाने में 1008 कारीगरों ने योगदान दिया।
आचार्य कुणाल किशोर का सपना: विराट रामायण मंदिर
विराट रामायण मंदिर पूर्व IPS अधिकारी और महावीर ट्रस्ट बोर्ड के पूर्व सचिव आचार्य कुणाल किशोर का सपना था। उन्होंने अपने जीवनकाल में इस मंदिर की नींव रखी थी, लेकिन अब वे हमारे बीच नहीं हैं। हालांकि, उनके बेटे सायन कुणाल ने आज पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मंदिर के आंगन में शिवलिंग स्थापित करके अपने पिता का सपना पूरा किया। NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंदिर के निर्माण से इलाके में तेज़ी से विकास होगा। अयोध्या के बाद यह सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बन जाएगा। यहां होटल, एयरपोर्ट और हाईवे बनेंगे, और पूरा इलाका तेज़ी से विकसित होगा।
बिहार पूर्वी चंपारण कल्याणपुर के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना
— Rajesh Singh (@SinghRajeshbjp) January 17, 2026
सनातन आस्था, भक्ति और गौरव का ऐतिहासिक संगम।
इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुजनों को
हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
महादेव की कृपा से सबके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी… pic.twitter.com/DEacICNVNG
शिवलिंग स्थापित करना कितना मुश्किल था?
यह विशाल शिवलिंग 200 मीट्रिक टन (200,000 किलोग्राम) वज़नी है और 33 फीट ऊंचा है। इसे स्थापित करना बेहद मुश्किल काम था, लेकिन इंजीनियरों की टीम ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। शिवलिंग को 30 फीट से ज़्यादा ऊंचे गुंबद पर स्थापित किया गया, जिससे इसकी कुल ऊंचाई 60 फीट से ज़्यादा हो गई। इसे स्थापित करने में लगभग आधे घंटे का समय लगा और यह दो भारी-भरकम क्रेनों की मदद से किया गया। शिवलिंग को पहले क्रेनों की मदद से हवा में उठाया गया, फिर ज़रूरी ऊंचाई पर ले जाकर स्थापित किया गया। शिवलिंग बनाने वाली टीम के मॉडरेटर वेंकटेश विनायक ने NDTV को बताया कि शिवलिंग 10 साल में बनकर तैयार हुआ और अब इसे विराट रामायण मंदिर के आंगन में स्थापित कर दिया गया है। रामायण सर्किट का विस्तार
इस विराट रामायण मंदिर के निर्माण से पूरे क्षेत्र में सनातन धर्म को बढ़ावा मिल रहा है। लोग रामायण और सनातन परंपरा से जुड़ रहे हैं, और यह रामायण सर्किट की नींव को भी पूरा करता है। अयोध्या और हनुमानगढ़ी के साधु-संतों ने भी इस मंदिर के निर्माण पर खुशी जताई है।
विशाल शिवलिंग को देखने के लिए हजारों की भीड़
दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना देखने के लिए हजारों लोग कठवालिया गांव पहुंचे। आसपास के इलाकों से लोग वहां इकट्ठा हुए और इस शुभ अवसर का हिस्सा बने।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को भेजा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज केसरिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग की स्थापना के बारे में जानकारी ली और अपने अधिकारियों से इसके निर्माण कार्य के बारे में भी जाना। इस दौरान बिहार के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे, जिनमें बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार शामिल थे। प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मंदिर के डिजाइन और निर्माण कार्य के बारे में पूरी जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि यह विराट शिवलिंग सनातन धर्म के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा कर रहा है। इसके निर्माण से पूरे क्षेत्र का विकास होगा और रामायण सर्किट की संरचना और मजबूत होगी।

