मुजफ्फरपुर तोड़फोड़ मामले में 28 FIR, विधायक पर 10 केस; JCB मालिक समेत 7 गिरफ्तार, दो और पीड़ित सामने आए
मुजफ्फरपुर में जमीन और मकान में तोड़फोड़ से जुड़े मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पूरे प्रकरण में अब तक 28 FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इनमें से 10 मामले विधायक के खिलाफ दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए JCB मालिक समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ दो और पीड़ित सामने आए हैं, जिन्होंने अपने साथ हुई कथित तोड़फोड़ और नुकसान को लेकर पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई है। पुलिस अब दर्ज सभी मामलों को अलग-अलग पहलुओं से खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
28 FIR दर्ज, विधायक पर 10 मामले
मुजफ्फरपुर में कथित तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर अलग-अलग लोगों की ओर से शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुल 28 FIR दर्ज हो चुकी हैं। इनमें 10 FIR में स्थानीय विधायक को आरोपी बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब इन मामलों में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। अलग-अलग शिकायतों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, जबरन तोड़फोड़ कराने और अन्य आरोपों का जिक्र किया गया है। जांच के दौरान पुलिस शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करने के साथ घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य भी जुटा रही है।
JCB मालिक समेत 7 गिरफ्तार
तोड़फोड़ के लिए इस्तेमाल की गई JCB को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने JCB मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मशीन को किसके कहने पर घटनास्थल पर भेजा गया था और तोड़फोड़ की कार्रवाई में कौन-कौन लोग शामिल थे।
JCB और अन्य वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग घटनाओं में इस्तेमाल की गई मशीनरी और लोगों के बीच कोई कनेक्शन था या नहीं।
दो और पीड़ित आए सामने
जांच के बीच अब दो और लोग सामने आए हैं। दोनों ने पुलिस को शिकायत देकर अपने साथ भी तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगाया है। इसके बाद पुलिस ने नए आरोपों को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।
नए पीड़ितों के सामने आने से मामले का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तोड़फोड़ की घटनाएं किन-किन स्थानों पर हुईं और इनमें शामिल लोगों के बीच क्या संबंध था।
पुलिस खंगाल रही CCTV और मोबाइल रिकॉर्ड
मामले की जांच में पुलिस CCTV फुटेज और मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण मान रही है। घटनास्थलों के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज जुटाई जा सकती है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल जानकारी की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना से पहले आरोपियों के बीच किस तरह बातचीत हुई और तोड़फोड़ के लिए किस स्तर पर निर्देश दिए गए थे। यदि डिजिटल साक्ष्यों से आरोपों की पुष्टि होती है तो जांच आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
28 FIR और लगातार सामने आ रहे नए पीड़ितों के कारण यह मामला अब व्यापक जांच का विषय बन गया है। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक शिकायत की अलग-अलग जांच की जा रही है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
वहीं, राजनीतिक रूप से भी मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ और साक्ष्य जुटाने में लगी है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।

