25 Crore Gold Robbery: पटना में ‘स्पेशल-26’ की तर्ज पर 25 करोड़ के सोने की लूट, जेल में बनी थी पूरी साजिश; STF ने आरोपी दबोचा
बिहार की राजधानी पटना में फिल्म ‘स्पेशल-26’ की तर्ज पर नकली कस्टम अधिकारी बनकर करोड़ों रुपये के सोने की लूट करने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस और एसटीएफ (STF) ने गैंग के एक सदस्य बिक्रम साहनी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि करीब 15 किलो सोना, जिसकी कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लूटने की पूरी साजिश जेल के अंदर रची गई थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरोह ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी। बदमाशों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर कार्रवाई का डर दिखाया और फिर सोना लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर दिया वारदात को अंजाम
जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य सरकारी अधिकारियों की तरह पहचान बनाकर लोगों को भ्रमित करते थे। इसी तरीके का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों ने सोना ले जा रहे लोगों को निशाना बनाया।
उन्होंने कस्टम जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर सोना अपने कब्जे में लिया और मौके से फरार हो गए। शुरुआत में मामला बेहद पेचीदा लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में धीरे-धीरे गिरोह की पूरी साजिश सामने आने लगी।
जेल में रची गई थी लूट की योजना
पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि इस वारदात की प्लानिंग जेल के अंदर की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने जेल में रहते हुए संपर्क बनाया और बाहर आने के बाद वारदात को अंजाम देने की योजना तैयार की।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और जेल के अंदर से किस तरह पूरी योजना को संचालित किया गया।
STF की कार्रवाई में पकड़ा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसटीएफ की टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान टीम ने बिक्रम साहनी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों, लूटे गए सोने और पूरी साजिश से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
फिल्मी अंदाज में अपराध की कोशिश
यह वारदात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपियों ने फिल्मी अंदाज में सरकारी अधिकारियों की भूमिका निभाकर लूट की योजना बनाई। फिल्म ‘स्पेशल-26’ में भी नकली अधिकारी बनकर छापेमारी करने की कहानी दिखाई गई थी।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि अपराधियों ने भले ही फिल्मी तरीके को अपनाने की कोशिश की, लेकिन जांच एजेंसियों की सतर्कता के कारण उनका खेल ज्यादा समय तक नहीं चल सका।
गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की किसी वारदात में शामिल रहे हैं।
25 करोड़ रुपये के सोने की लूट का यह मामला बिहार में अपराध के नए तरीकों की ओर इशारा करता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और लूटे गए सोने की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

