बिक्रम में 2 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट शुरू, रोजाना 10 हजार यूनिट तक बिजली उत्पादन
पटना जिले के बिक्रम क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। असपुरा नहर मोड़ से उदरचक गांव तक करीब 3 किलोमीटर के दायरे में 2 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, इस सोलर पावर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 9 से 10 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्ष में करीब 330 दिनों तक सूर्य की पर्याप्त रोशनी उपलब्ध रहने के कारण नियमित रूप से बिजली उत्पादन संभव होगा। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
सौर ऊर्जा परियोजना के तहत बड़ी संख्या में सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो सूर्य की किरणों को बिजली में परिवर्तित कर रहे हैं। उत्पादित बिजली को ग्रिड के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्लांट में उत्पादित बिजली को साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से सौर ऊर्जा से बनी बिजली राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति की जा सकेगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की परियोजनाएं न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाती हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन के दौरान प्रदूषण नहीं होता और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है।
स्थानीय लोगों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र का विकास होगा और अक्षय ऊर्जा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की और परियोजनाएं स्थापित होने का रास्ता भी खुलेगा।
राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग लगातार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। इसी कड़ी में स्थापित यह 2 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट बिहार में हरित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में ऐसी परियोजनाओं के विस्तार से राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।

