देशभर में एलपीजी संकट को लेकर जारी चर्चाओं के बीच बेंगलुरु के एक कैफे का बिल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बिल में ग्राहकों से नींबू पानी (मिंट लेमोनेड) पर 5% का अतिरिक्त ‘Gas Crisis Charge’ वसूला गया है, जिसे देखकर इंटरनेट यूजर्स हैरान रह गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह बिल बेंगलुरु स्थित एक कैफे का है, जहां एक साधारण से पेय पदार्थ पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। जैसे ही इस बिल की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई, यह तेजी से वायरल हो गई और लोगों के बीच बहस का विषय बन गई।
वायरल बिल को देखने के बाद कई यूजर्स ने इस पर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि एलपीजी संकट का हवाला देकर इस तरह का अतिरिक्त चार्ज लेना सही नहीं है। कई यूजर्स ने इसे “खुली लूट” और “डेलाइट रॉबरी” तक कह डाला है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कुछ लोग कैफे के इस कदम को गलत बता रहे हैं, तो कुछ इसे अनुचित व्यावसायिक रणनीति मान रहे हैं।
इस मामले ने एक बार फिर इस बात पर चर्चा छेड़ दी है कि क्या व्यवसायों को ऐसे संकट के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेने का अधिकार है। आम जनता का मानना है कि महंगाई के इस दौर में पहले से ही लोग बढ़ते दामों से परेशान हैं, ऐसे में इस तरह के अतिरिक्त चार्ज उनकी जेब पर और बोझ डालते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह बिल तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग इस पर लगातार अपनी राय दे रहे हैं। कई लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले की जांच करने की मांग भी की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ग्राहकों से किसी भी तरह की मनमानी वसूली न हो।
फिलहाल यह मामला इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया किस तरह किसी भी छोटे से मुद्दे को बड़ा बना सकता है और जनता की आवाज को सामने ला सकता है।

