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पहलगाम हमले के एक साल बाद भी बैसरन घाटी बंद, CTI ने पीएम मोदी से खोलने की मांग की

पहलगाम हमले के एक साल बाद भी बैसरन घाटी बंद, CTI ने पीएम मोदी से खोलने की मांग की

पहलगाम आतंकी हमले को एक साल बीत जाने के बावजूद जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध बैसरन घाटी अब तक पर्यटकों के लिए नहीं खोली गई है। इस स्थिति को लेकर अब देश के व्यापारिक समुदाय में भी चिंता बढ़ने लगी है।

दिल्ली और देश के प्रमुख व्यापारियों एवं उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बैसरन घाटी को दोबारा खोलने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ा है।

CTI ने अपने पत्र में कहा है कि बैसरन घाटी कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते थे। लेकिन सुरक्षा कारणों से लंबे समय तक बंद रहने के चलते स्थानीय होटल व्यवसाय, ट्रैवल एजेंसियां और छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हुई है।

संगठन का यह भी कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखते हुए नियंत्रित तरीके से पर्यटन को दोबारा शुरू किया जा सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फिर से गति मिल सके।

व्यापारिक संगठनों का मानना है कि पर्यटन कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लंबे समय तक प्रमुख स्थलों का बंद रहना रोजगार और निवेश दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।

CTI ने केंद्र सरकार से अपील की है कि सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर आवश्यक समीक्षा की जाए और हालात का आकलन करने के बाद घाटी को पर्यटकों के लिए फिर से खोला जाए।

इस बीच, स्थानीय स्तर पर भी कुछ वर्गों द्वारा पर्यटन को फिर से शुरू करने की मांग उठ रही है, ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस पत्र के बाद मामले पर चर्चा तेज हो गई है।

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