अग्निवीर खेमाराम कुमावत को नम आंखों से अंतिम विदाई, वीडियो में देंखे सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
असम में हुए विमान हादसे में शहीद हुए अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत का सोमवार शाम उनके पैतृक गांव पांचोता में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के इस वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान पूरे गांव में देशभक्ति के नारों और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष गूंजते रहे।
शहीद खेमाराम कुमावत की पार्थिव देह जब उनके गांव पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के दौरान उनकी मां और बहन खुद को संभाल नहीं सकीं और बिलख-बिलख कर रो पड़ीं। परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी भावुक नजर आए। गांव के लोगों ने अपने वीर सपूत को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार से पहले गांव में करीब पांच किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान हजारों लोग हाथों में तिरंगालेकर शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए शामिल हुए। पूरे मार्ग पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर खेमाराम को अंतिम सलाम किया। देशभक्ति के नारों के बीच निकली यह यात्रा गांव के लिए गर्व और शोक दोनों का प्रतीक बन गई।
शाम को पैतृक गांव पांचोता में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई गोविंदराम ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने सैन्य परंपरा के अनुसार शहीद को श्रद्धांजलि दी और उनके पिता रामदेव कुमावत तथा परिवार के अन्य सदस्यों को तिरंगा सौंपा।गौरतलब है कि 13 जून को असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस पर एक दर्दनाक विमान हादसा हुआ था। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे भारतीय वायुसेना का एक ट्रांसपोर्ट विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत सहित कुल पांच सैन्यकर्मी शहीद हो गए।इस दुर्घटना में विमान के पायलट और तीन अन्य जवानों ने भी अपनी जान गंवाई थी। हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई थी।
खेमाराम कुमावत की शहादत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गर्व और दुख से भर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि खेमाराम बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे और भारतीय वायुसेना में शामिल होकर उन्होंने अपने सपने को पूरा किया। उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा।शहीद को अंतिम विदाई के दौरान मौजूद लोगों ने उनके बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। गांव पांचोता ने अपने वीर सपूत को अश्रुपूर्ण विदाई दी, लेकिन उनके साहस और देशभक्ति पर पूरे क्षेत्र को गर्व है।

