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आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में ONGC के तेल कुएं से भीषण गैस रिसाव, वीडियो में देखें ब्लास्ट के बाद तीन गांव खाली कराए गए

आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में ONGC के तेल कुएं से भीषण गैस रिसाव, वीडियो में देखें ब्लास्ट के बाद तीन गांव खाली कराए गए

आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के राजोले इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के एक तेल कुएं से भारी मात्रा में गैस का रिसाव हो गया। यह घटना उस वक्त हुई, जब तेल कुएं में मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा था। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इरुसुमंदा गांव समेत आसपास के तीन गांवों को एहतियातन खाली करा लिया। गनीमत रही कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित तेल कुएं से कुछ समय के लिए उत्पादन अस्थायी रूप से रोका गया था और तकनीकी टीम कुएं की मरम्मत में जुटी हुई थी। इसी दौरान अचानक एक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद कुएं से गैस और कच्चा तेल तेजी से बाहर निकलने लगा। कुछ ही पलों में गैस ने आग पकड़ ली, जिससे कुएं के आसपास ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग और गैस रिसाव को देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में बिजली के सभी स्विच बंद रखें, गैस चूल्हा न जलाएं और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल न करें, ताकि किसी भी प्रकार की चिंगारी से बड़ा हादसा न हो सके।

ONGC के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञ तकनीकी टीम को तैनात कर दिया गया है। कुएं को सील करने और आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काम किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि एहतियातन खाली कराए गए गांवों के लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है, जहां भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट पर हैं, ताकि गैस के प्रभाव से किसी को सांस संबंधी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं न हों।

इस घटना के बाद ONGC की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि तेल और गैस कुओं के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए और कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए। फिलहाल प्रशासन और ONGC की प्राथमिकता गैस रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करने और इलाके को सुरक्षित बनाने पर है। हालात सामान्य होने के बाद ही लोगों को अपने घरों में लौटने की अनुमति दी जाएगी।

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