राजगढ़ के कुशलपुरा में 8 साल की बच्ची का 9 साल के लड़के से विवाह, प्रशासन ने दर्ज की FIR
राजस्थान के राजगढ़ क्षेत्र के कुशलपुरा गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासन को कथित रूप से गुमराह कर एक नाबालिग लड़की की शादी 9 साल के लड़के से करवा दी गई। यह घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 साल की बच्ची और 9 साल के लड़के के बीच कराई गई कथित शादी से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर कुछ परंपराओं और सामाजिक दबाव के चलते यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें परिवार के सदस्यों के साथ-साथ कुछ धार्मिक और सेवा से जुड़े लोग भी शामिल थे।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से खुला मामला
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब शादी से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जब पुलिस टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची, तो उन्हें भी कथित रूप से गुमराह करने की कोशिश की गई, जिससे प्रारंभिक जांच में बाधा आई।
हालांकि, वीडियो और अन्य सबूत सामने आने के बाद पुलिस ने गंभीरता से मामले की जांच शुरू की और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी।
माता-पिता और अन्य लोगों पर FIR दर्ज
पुलिस ने इस मामले में नाबालिग बच्ची के माता-पिता के साथ-साथ आयोजन में शामिल पंडित और हलवाई सहित अन्य सेवा प्रदाताओं के खिलाफ भी FIR दर्ज की है। आरोप है कि सभी ने मिलकर इस अवैध और कानूनी रूप से प्रतिबंधित विवाह प्रक्रिया में भूमिका निभाई।
भारतीय कानून के अनुसार, बाल विवाह पूरी तरह प्रतिबंधित है और नाबालिग बच्चों की शादी कराना एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जेल और जुर्माने का प्रावधान भी है।
प्रशासन की सख्ती और जांच जारी
स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह शादी किसी सामाजिक परंपरा के नाम पर कराई गई थी या इसके पीछे किसी प्रकार का दबाव या गलतफहमी थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
सामाजिक जागरूकता की जरूरत
यह घटना एक बार फिर समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा की मौजूदगी और उसके खिलाफ जागरूकता की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज को भी आगे आना होगा।
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि नाबालिग बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई जरूरी है।

