वेस्टइंडीज के पास मेरे लिए एक योजना थी और मुझे उससे बेहतर खेलना था: अभिषेक शर्मा
इंदौर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बताया कि वेस्टइंडीज के ऑफ स्पिनर रोस्टन चेज के खिलाफ उनकी धीमी और सावधानी भरी शुरुआत पहले से बनाई गई रणनीति का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज ने उनके लिए खास योजनाएं तैयार की थीं, इसलिए शुरुआत में जोखिम लेने के बजाय उन्होंने परिस्थितियों को समझने और गेंदबाजों को परखने पर ध्यान दिया।
इसके बाद जब वह लय में आ गए, तो अभिषेक ने अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और होल्कर स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच के पावरप्ले के दौरान बड़े शॉट्स लगाए। अभिषेक ने 30 गेंदों में 69 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 18 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। यह भारत की शुरुआती स्थिति के बिल्कुल उलट था - पहले दो ओवरों में केवल 11 रन बने थे और संजू सैमसन जल्दी आउट हो गए थे।
अभिषेक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "मेरे दिमाग में यह बात थी कि उनके पास मेरे खिलाफ एक योजना थी। जाहिर है कि पहले ओवर में एक ऑफ-स्पिनर (रोस्टन चेज) ने गेंदबाजी की। इसी कारण यह बस मेरे और उनके बीच की लड़ाई थी। मैंने पहले ओवर में उनका सम्मान किया क्योंकि मुझे लगता है कि वह इस सीरीज में वास्तव में अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। तो बात बस इतनी है कि मेरे लिए भी योजना काफी अच्छी रही, क्योंकि पावरप्ले में ही मैं बस कुछ रन बनाने की कोशिश कर रहा था। उनके पास मेरे लिए एक योजना थी, और मुझे उससे बेहतर खेलना था।"
तीसरे ओवर के बीच में अभिषेक ने अपनी गति बढ़ाई। उन्होंने कवर-प्वाइंट के जरिए एक शानदार ड्राइव लगाया और फिर चेज की गेंदों पर लगातार छक्के लगाए। ईशान किशन के साथ अपनी केमिस्ट्री पर बात करते हुए अभिषेक ने कहा कि वे बस एक-दूसरे का साथ देने की कोशिश करते हैं।
भारतीय ओपनर ने कहा, "मुझे ईशान को हंसाना होता है, मुझे उन्हें थोड़ा रिलैक्स करना होता है। जब वह बल्लेबाजी करने आते हैं, तो उन्हें उस जोन में रहना पसंद होता है। हालांकि, मुझे लगता है कि हम दोनों के बीच एक अच्छा तालमेल है। हमारी कई साझेदारियां रही हैं, आईपीएल में भी। इसी कारण हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं। जाहिर है कि जब कोई विकेट गिरता है तो ईशान क्रीज पर आते हैं। शुरुआती तीन-चार या दो गेंदों पर थोड़ा दबाव होता है, और मैं बस यही चाहता हूं कि वह उस दबाव से फ्री होकर वैसे ही खेलें जैसे वह हमेशा खेलते हैं।"
अभिषेक ने आगे कहा, "जब हम मैदान पर होते हैं तो हम हालात वगैरह के बारे में ज्यादा बात नहीं करते। हम बस एक-दूसरे की बल्लेबाजी का आनंद लेते हैं और एक-दूसरे का साथ देते हैं।" 223 रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए टीम की सोच के बारे में बात करते हुए अभिषेक ने माना कि मेहमान टीम की पारी में देर से आए उछाल के बावजूद उनकी टीम दबाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध थी। अभिषेक ने कहा, "वेस्टइंडीज एक ऐसी टीम है, जिन्हें देखकर आप कभी नहीं कह सकते कि उनके खिलाफ मैच हमारी मुट्ठी में आ गया है। यह बात हमारे दिमाग में भी थी, क्योंकि हमने पिछले मैच में देखा था कि जो बल्लेबाज आते हैं और यहां के हालात हैं, उनके लिए कहीं से भी मैच का पासा पलटना बहुत आसान होता है।"
भारतीय सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा, "इसी कारण यह बात हमारे दिमाग में थी, जब हम खेल रहे थे, तो हम हडल (टीम मीटिंग) में इस बारे में बात कर रहे थे कि हम आक्रामक रहेंगे, ढील नहीं देंगे और उन्हें वापसी का एक भी मौका नहीं देंगे। अगर आपने देखा हो, तो जिस तरह से (शमार) स्प्रिंगर ने बल्लेबाजी की, हम सचमुच हैरान थे कि उन्होंने वे शॉट्स कैसे खेले। वे आसान शॉट्स नहीं थे।"
"यही वजह है कि आपको हर समय सतर्क रहना पड़ता है। भले ही उनका स्कोर 50 रन पर 5 विकेट हो, मुझे लगता है कि उनमें पासा पलटने की क्षमता होती है। ऐसे में हम इस बार पूरी तरह तैयार थे। अगर हमें बॉलिंग में अच्छा पावरप्ले मिला, तो हम उस समय उन्हें एक भी खराब गेंद नहीं दे सकते थे। हम बस अपनी योजनाओं पर अमल करना चाहते थे, और हमने वही किया।"
--आईएएनएस
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