VVS Laxman BCCI Selection Meeting: अब हर चयन बैठक में शामिल होंगे लक्ष्मण, चोटिल खिलाड़ियों की जानकारी सीधे चयनकर्ताओं को मिलेगी
भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट से जुड़ी जानकारी को चयन प्रक्रिया के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए BCCI ने बड़ा फैसला लिया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण अब सीनियर पुरुष चयन समिति की हर बैठक में मौजूद रहेंगे। BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने मंगलवार को मुंबई में हुई बोर्ड की समीक्षा बैठक के बाद इसकी जानकारी दी।
सैकिया के मुताबिक, लक्ष्मण की मौजूदगी का उद्देश्य चयनकर्ताओं और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस, इंजरी और रिहैब से जुड़ी जानकारी चयन के समय सीधे उपलब्ध हो सकेगी।
चयन बैठक में लक्ष्मण की मौजूदगी क्यों जरूरी?
BCCI सचिव ने बताया कि लक्ष्मण BCCI में हेड ऑफ क्रिकेट और CoE प्रमुख की भूमिका निभा रहे हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों की चोट, फिटनेस और रिहैबिलिटेशन से जुड़ी जानकारी लगातार अपडेट होती रहती है।
पिछले कुछ महीनों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जब किसी खिलाड़ी को टीम में चुना गया, लेकिन मैच खेलने का समय आने पर वह फिट नहीं पाया गया। ऐसे मामलों को कम करने के लिए चयनकर्ताओं को खिलाड़ियों की मौजूदा स्थिति की सटीक जानकारी मिलना जरूरी है।
हाल की चयन बैठकों में भी शामिल हुए थे लक्ष्मण
VVS लक्ष्मण हाल ही में गुवाहाटी में हुई टी-20 और इंडिया ए की चयन बैठक में भी शामिल हुए थे। अब उनकी मौजूदगी को सिर्फ कुछ बैठकों तक सीमित रखने के बजाय सीनियर चयन समिति की नियमित बैठकों का हिस्सा बनाया गया है।
इस व्यवस्था से चयनकर्ताओं को यह समझने में मदद मिल सकती है कि कोई खिलाड़ी चोट से कितनी तरह उबर चुका है, उसका रिहैब किस चरण में है और वह मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं।
खिलाड़ियों की चोट बनी BCCI की बड़ी चिंता
भारतीय टीम में लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम कॉम्बिनेशन पर भी असर पड़ा है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी खिलाड़ियों की चोट और व्यस्त कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई थी।
गिल ने संकेत दिया था कि लगातार इंजरी के कारण टीम अपनी पसंद के गेंदबाजी संयोजन को नियमित रूप से मैदान पर नहीं उतार पा रही है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम अब एक मजबूत और स्थायी कॉम्बिनेशन तैयार करना चाहती है।
चयन और रिहैब के बीच बनेगा बेहतर तालमेल
लक्ष्मण के नियमित रूप से चयन बैठकों में शामिल होने का सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि चयनकर्ताओं और CoE के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर जानकारी का अंतर कम हो।
किस खिलाड़ी का रिहैब पूरा हो चुका है, कौन मैच फिट है और किसे अभी आराम की जरूरत है—इन तमाम पहलुओं पर चयन के दौरान ज्यादा स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे टीम चयन में जल्दबाजी से होने वाली गलतियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
BCCI ने चयन समिति में एक पद के लिए मांगे आवेदन
इसी बीच BCCI ने पुरुष सीनियर चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन भी आमंत्रित किए हैं। चयनित व्यक्ति सीनियर पुरुष टीम के लिए टेस्ट, ODI और T20I समेत अलग-अलग फॉर्मेट में खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
चयनकर्ता की जिम्मेदारियों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन, नई प्रतिभाओं की पहचान और भविष्य के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना शामिल होगा।
इसके अलावा चयन समिति के सदस्य को टीम की बैठकों में शामिल होना, जरूरत के मुताबिक मैचों के लिए यात्रा करना और टीम के प्रदर्शन की तिमाही रिपोर्ट BCCI की एपेक्स काउंसिल के सामने रखना होगा।
चयनकर्ता बनने के लिए क्या है योग्यता?
BCCI के मुताबिक, आवेदन करने वाले उम्मीदवार ने इनमें से कोई एक शर्त पूरी की होनी चाहिए:
• कम से कम 7 टेस्ट मैच खेले हों।
• या 30 फर्स्ट क्लास मैच खेले हों।
• या कम से कम 10 ODI मैच खेले हों और 20 फर्स्ट क्लास मैच खेले हों।
• क्रिकेट से संन्यास लिए कम से कम 5 साल पूरे हो चुके हों।
• BCCI के नियमों के तहत किसी क्रिकेट कमेटी में कुल 5 साल पूरा कर चुका व्यक्ति इस पद के लिए योग्य नहीं होगा।
इस पूरे बदलाव का मकसद चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की फिटनेस और उपलब्धता से जुड़ी जानकारी को ज्यादा सटीक बनाना है, ताकि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता उपलब्ध खिलाड़ियों को ध्यान में रखकर बेहतर संयोजन तैयार कर सकें।

