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विष्णु वाघेला: चुनौतियों से लड़कर बने भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम की पहचान

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के विष्णु वाघेला भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम के कप्तान हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विष्णु ने बचपन में आंखों की रोशनी गंवा दी थी, लेकिन इसके बावजूद फुटबॉल खेलने का सपना देखा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। बनासकांठा की पालनपुर तालुका के वाडा गांव में रहने वाले विष्णु की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव बेहद खुश है।

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के विष्णु वाघेला भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम के कप्तान हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विष्णु ने बचपन में आंखों की रोशनी गंवा दी थी, लेकिन इसके बावजूद फुटबॉल खेलने का सपना देखा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। बनासकांठा की पालनपुर तालुका के वाडा गांव में रहने वाले विष्णु की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव बेहद खुश है।

मुश्किल हालात के बावजूद विष्णु ने कभी फुटबॉल के प्रति जुनून को कम नहीं होने दिया। इस बीच परिवार हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहा।

विष्णु वाघेला ने बताया, "मैं करीब 10 देश खेलने जा चुका हूं। 2-3 टूर पर मैंने 'बेस्ट प्लेयर' का खिताब भी अपने नाम किया है। मैं भारतीय टीम के लिए बतौर डिफेंडर खेलता हूं, जबकि गुजरात टीम के लिए स्ट्राइकर के तौर पर खेलता हूं। मुझे तीन बार टॉप स्कोरर का अवॉर्ड भी मिला है।"

विष्णु के पिता तेजूभाई वाघेला ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाई के लिए थरा भेजा था, जिसके बाद वह पालनपुर गए और फिर वहां से अहमदाबाद पहुंचे। अहमदाबाद से विष्णु ने फुटबॉल खेलना शुरू किया और गांव वालों ने उनका काफी सपोर्ट किया। इसके बाद विष्णु ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, उन्होंने राज्य स्तर पर खेलने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी नाम कमाया।

विष्णु वाघेला के खेल को निखारने में अहमदाबाद के ब्लाइंड पीपल्स एसोसिएशन (बीपीए) का अहम योगदान रहा, जिसने सरकार और लोगों के सहयोग से विष्णु को न सिर्फ स्पोर्ट्स ग्राउंड उपलब्ध कराया, बल्कि बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा भी दी।

बीपीए के महासचिव भूषण पुनानी ने कहा, "मंडल के पास नाज गांव में एक अत्याधुनिक फुटबॉल ग्राउंड है। यहां दूसरी बार प्रीमियर लीग में मैच हुआ है। आज के वक्त में गुजरात विष्णु वाघेला की हिम्मत पहल और साहस से 'फुटबॉल फॉर द ब्लाइंड' में पूरे देश में अग्रणी राज्य है।"

विष्णु राज्य के दूसरे दिव्यांग खिलाड़ों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने साल 2025 में मॉस्को में आयोजित ब्रिक्स ब्लाइंड फुटबॉल टूर्नामेंट में ब्राजील के खिलाफ शानदार प्रदर्शन की बदौलत 'बेस्ट प्लेयर' का अवार्ड हासिल किया था।

गुजरात सरकार खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण दे रही है। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी समर्थन के कारण विष्णु वाघेला जैसे खिलाड़ी देश और दुनिया में गुजरात का नाम रोशन कर रहे हैं।

--आईएएनएस

आरएसजी

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