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वैभव के पिता बेटे के साथ श्रीलंका जाएंगे, यूके-आयरलैंड भी साथ जाने का दिया गया विकल्प: देवजीत सैकिया

नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पिता ट्राई-सीरीज के लिए उनके साथ श्रीलंका जा सकेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वैभव के पिता का साथ जाने का इंतजाम किया है। उनके पिता को वैभव संग यूके और आयरलैंड जाने का भी विकल्प दिया गया है।
वैभव के पिता बेटे के साथ श्रीलंका जाएंगे, यूके-आयरलैंड भी साथ जाने का दिया गया विकल्प: देवजीत सैकिया

नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पिता ट्राई-सीरीज के लिए उनके साथ श्रीलंका जा सकेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वैभव के पिता का साथ जाने का इंतजाम किया है। उनके पिता को वैभव संग यूके और आयरलैंड जाने का भी विकल्प दिया गया है।

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने आईएएनएस के साथ बात करते हुए बताया, "वैभव सूर्यवंशी के पिता आज श्रीलंका आ रहे हैं और हम उन्हें ऑफर करेंगे कि अगर वह यूके और आयरलैंड भी जाना चाहते हैं, तो उनके लिए इंतजाम किए जाएंगे।" वैभव 9 जून से शुरू हो रही ट्राई-सीरीज में भारत ए की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

सैकिया ने आगे बताया कि वैभव की उम्र अभी काफी कम है और इसी वजह से ये इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि वह नए माहौल में बेहतर महसूस करें। शनिवार को आयरलैंड-इंग्लैंड और एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टी20 टीम में भी वैभव को जगह दी गई है।

बीसीसीआई सचिव ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी पहले हमेशा अंडर-19, जूनियर या सब-जूनियर टीमों के साथ यात्रा करते थे, इसलिए वह उस माहौल में सहज थे। उन्होंने बताया कि अब वैभव सीनियर खिलाड़ियों के साथ रहेंगे, जो उनके लिए एक नया अनुभव होगा। चूंकि वह अभी केवल 15 साल के हैं, इसलिए बीसीसीआई चाहता है कि वह खुद को आरामदायक और सुरक्षित महसूस करें।

सैकिया ने कहा कि माता-पिता के साथ रहने से वैभव को मानसिक रूप से सहारा मिलेगा और वह ज्यादा सहज महसूस करेंगे। इसी वजह से बोर्ड ने उनके माता-पिता को दौरे पर साथ रहने की सुविधा देने का फैसला किया है। सूर्यवंशी अब भारत के सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल क्रिकेटर बनने की कगार पर है। अभी भारतीय पुरुष क्रिकेट यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है, जिन्होंने 1989 में 16 साल और 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था।

सैकिया ने जोर देकर कहा कि बोर्ड की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी नई टीम के माहौल में अकेला महसूस न करे। उन्होंने कहा, "देखिए, हमारी कुछ जिम्मेदारी है कि कोई भी नए माहौल में असहज या अकेला महसूस न करे। यह हमारा बेसिक प्रिंसिपल है। हम चाहते हैं कि वह धीरे-धीरे सीनियर टीम में एडजस्ट हो जाएं।"

--आईएएनएस

एसएम/एएस

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