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उमर अब्दुल्ला ने नेशनल स्कूल गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर की वुशू-ताइक्वांडो टीम को दी बधाई

श्रीनगर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश की वुशू और ताइक्वांडो टीमों को नेशनल स्कूल गेम्स में ट्रॉफी जीतने पर बधाई दी है।

श्रीनगर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश की वुशू और ताइक्वांडो टीमों को नेशनल स्कूल गेम्स में ट्रॉफी जीतने पर बधाई दी है।

मुख्यमंत्री ने गांदरबल के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन में आयोजित 70वें नेशनल स्कूल गेम्स में दोनों खेलों (वुशू और ताइक्वांडो) में 'ओवरऑल टीम ट्रॉफी' जीतने के लिए जम्मू-कश्मीर की टीमों को बधाई दी। जम्मू-कश्मीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इन दोनों खेलों में कुल 22 पदक जीते।

22 से 26 अक्टूबर तक आयोजित ताइक्वांडो प्रतियोगिता में टीम ने 14 पदक जीते, जिनमें चार स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं। 15 से 19 अक्टूबर तक आयोजित वुशू प्रतियोगिता में टीम ने आठ पदक हासिल किए, जिनमें एक स्वर्ण, दो रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने 15 अक्टूबर को 70वें नेशनल स्कूल गेम्स का उद्घाटन किया था। इस आयोजन में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,300 से अधिक युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिससे देश भर की उभरती खेल प्रतिभाओं को एक मंच मिला। इन युवा चैंपियनों को बधाई देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी उपलब्धियां जम्मू-कश्मीर की बढ़ती खेल क्षमता और यहां के युवा खिलाड़ियों के समर्पण और कड़ी मेहनत को दर्शाती हैं।

उन्होंने पूरे जम्मू-कश्मीर में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। 70वें नेशनल स्कूल गेम्स का आयोजन जम्मू-कश्मीर के युवा सेवा और खेल निदेशालय द्वारा 'स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसजीएफआई) के तत्वावधान में किया गया था।

वुशू और ताइक्वांडो चीन और कोरिया की दो अलग-अलग मार्शल आर्ट्स हैं, लेकिन लोग कभी-कभी इन्हें एक साथ 'एशियाई कॉम्बैट' (लड़ाकू) या 'परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स' (प्रदर्शन वाले खेल) के रूप में वर्गीकृत करते हैं। वुशू के दो मुख्य रूप हैं, जिनमें से एक 'ताओलू' (फॉर्म्स) है। यह एक ऐसा प्रदर्शन-आधारित खेल है, जिसमें जजों द्वारा अंक दिए जाते हैं। इसमें कोरियोग्राफ किए गए सीक्वेंस, कलाबाजी, ऊंची किक, शरीर को घुमाने वाले मूव्स और पारंपरिक हथियारों (जैसे तलवार, भाले और चौड़ी तलवारें) का इस्तेमाल किया जाता है।

दूसरा, सांडा (फ्री स्पैरिंग), एक फुल-कॉन्टैक्ट कॉम्बैट स्पोर्ट है, जिसमें फाइटर्स 'लेताई' नामक एक ऊंचे प्लेटफॉर्म पर मुक्कों, किक और कुश्ती/दांव-पेच का इस्तेमाल करते हैं। ताइक्वांडो एक कोरियाई मार्शल आर्ट और ओलंपिक कॉम्बैट स्पोर्ट है, जिसमें मुख्य रूप से तेज और गतिशील किकिंग तकनीकों पर जोर दिया जाता है।

--आईएएनएस

एसएम/एबीएम

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