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'तुमने भारतीय स्क्वैश के लिए कुछ खास किया है', सौरव ने अनाहत को चैंपियन बनने पर दी बधाई

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप को जीतकर इतिहास रचा। वह इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। अनाहत को भारतीय स्क्वैश के अनुभवी खिलाड़ी सौरव घोषाल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है।

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप को जीतकर इतिहास रचा। वह इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। अनाहत को भारतीय स्क्वैश के अनुभवी खिलाड़ी सौरव घोषाल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है।

घोषाल ने कहा कि इससे भारतीय स्क्वैश के लिए और भी बहुत कुछ हासिल होने की उम्मीद है। अनाहत ने मिस्र की नंबर 2 सीड रुकाया सलेम को सीधे गेम में हराकर वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीता। 18 साल की अनाहत की यह जीत जोशना चिनप्पा के 2005 में रनर-अप रहने के रिकॉर्ड से बेहतर है; जोशना का वह प्रदर्शन दो दशकों से भी ज्यादा समय तक जूनियर वर्ल्ड में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

सौरव घोषाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "दुनिया देखेगी कि तुमने उस दिन कैसा खेल दिखाया। तुम्हें पता है कि मैं अक्सर ऐसा नहीं कहता, लेकिन यह बहुत अच्छा था। जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब तुमने सब कुछ सही किया। हालांकि, असली लड़ाई तो कोर्ट पर उतरने से पहले ही जीती जा चुकी थी। तुम्हारी मेहनत ने ही फर्क पैदा किया।" वे 2024 से अनाहत को मेंटर कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, "तुम्हारे दिमाग को सक्रिय करने के लिए की गई सारी मशक्कत और मजाक-मस्ती आखिरकार काम आई। भगवान का शुक्र है कि तुम्हारा शरीर लंबे समय तक स्वस्थ रहा। शुक्रगुजार होने के लिए बहुत कुछ है। तुमने खुद को गौरवान्वित किया है और भारतीय स्क्वैश के लिए कुछ खास किया है। सबसे अच्छी बात यह है कि आगे और भी बहुत कुछ हासिल होने की उम्मीद है। इसे किसी बहुत बड़े लक्ष्य की यात्रा का एक और पड़ाव बनने दो। हालांकि, अभी के लिए, मजे करो। बहुत बढ़िया।"

अनाहत पहले भी इस टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी थीं। इस बार उन्होंने शानदार खेल दिखाया और लगातार मुकाबले जीतते हुए 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। खिताब जीतने के इरादे से अनाहत ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने पहला गेम 11-3 से जीतकर अपनी मजबूत पकड़ बनाई।

इसके बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और उन्होंने दूसरा गेम 11-7 से जीतकर मैच में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। हालांकि, दो गेम से आगे होने के बावजूद, तीसरा गेम शुरू में सलेम के पक्ष में जाता दिख रहा था क्योंकि मिस्र की खिलाड़ी 8-6 से आगे हो गई थीं। दबाव बढ़ने और चौथे गेम की संभावना के बीच, भारत की नंबर 1 खिलाड़ी ने वापसी की और तीसरा गेम 11-9 से जीतकर ऐतिहासिक जीत हासिल की।

--आईएएनएस

एसएम/पीएम

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