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टी10 में सफलता के लिए बेहद उच्च स्तर का कौशल होना जरूरी: रॉबिन सिंह

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और रॉयल डेजर्ट चैंपियंस के टीम डायरेक्टर रॉबिन सिंह ने कहा कि 'टी10 क्रिकेट' में सफलता हासिल करने के लिए खिलाड़ियों के पास बेहद उच्च स्तर का कौशल होना जरूरी है।

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और रॉयल डेजर्ट चैंपियंस के टीम डायरेक्टर रॉबिन सिंह ने कहा कि 'टी10 क्रिकेट' में सफलता हासिल करने के लिए खिलाड़ियों के पास बेहद उच्च स्तर का कौशल होना जरूरी है।

टी20 क्रिकेट की चुनौतियों ने पहले ही कुछ पारंपरिक बल्लेबाजों की परीक्षा ली है, क्योंकि इसमें खेलने की तकनीक टेस्ट फॉर्मेट से काफी अलग होती है। हालांकि, 60 गेंदों वाली लीग बल्लेबाजों के लिए एक बिल्कुल अलग चुनौती पेश करती हैं, जिसमें उन्हें पहली गेंद से ही आक्रामक खेलना पड़ता है।

'आईएएनएस' से ​​खास बातचीत में रॉबिन ने बताया कि टी10 क्रिकेट, टी20 क्रिकेट से किस तरह अलग है? उन्होंने ​​कहा, "टी10 कुछ हद तक टी20 मैच के आखिरी 10 ओवर या पावरप्ले में खेलने जैसा है। टी10 में आपको बहुत अधिक जोखिम उठाना पड़ता है। इसलिए आपका स्किल लेवल बहुत ऊंचा होना चाहिए। जिन्हें अपनी स्किल्स को लेकर आत्मविश्वास होता है, वही सफल होते हैं। अगर आप खुद पर शक करते हैं, तो टी10 में मुश्किल में पड़ जाएंगे।"

इस बीच रॉयल डेजर्ट चैंपियंस के टीम डायरेक्टर रॉबिन सिंह ने निकोलस पूरन, फिल साल्ट और शेरफेन रदरफोर्ड को पहले ही साइन कर लिया था और प्लेयर ड्राफ्ट के दौरान मुहम्मद वसीम, नसीम शाह और महेश थीक्षाना जैसे खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किया।

रॉबिन सिंह ने कहा कि ड्राफ्ट के लिए उनका तरीका वही था, जो टी10 जैसे छोटे फॉर्मेट के टूर्नामेंट के लिए टीम चुनने में जरूरी होता है। उन्होंने कहा, "हां, मुझे लगता है कि हमें (ड्राफ्ट से) वो सब मिल गया जो हम चाहते थे, लगभग 80 प्रतिशत। ड्राफ्ट हमेशा थोड़े मुश्किल होते हैं। आपको असल में पता नहीं होता कि आपको कौन मिलेगा क्योंकि यह आपसे पहले की पिक और इस बात पर निर्भर करता है कि लोग अपनी टीम कैसे बनाते हैं।"

"इसलिए, आप जो चाहते हैं, उसके लिए थोड़ी किस्मत की भी जरूरत होती है, लेकिन साथ ही, आपके पास एक ऐसी रणनीति भी होती है कि अगर आपको 'एक्स' नहीं मिलता, तो आप उसकी भरपाई के लिए 'वाई' पाने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए आप उन्हीं चीजों को ध्यान में रखकर टीम बनाते हैं।

उन्होंने आगे कहा, "आपको एक संतुलित टीम चुनने की कोशिश करनी चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि आप अनुभवी क्रिकेटर्स को चुनें, ऐसे खिलाड़ियों को जो अपनी स्किल्स का सही इस्तेमाल कर सकें। क्योंकि यह बहुत तेज फॉर्मेट है। इसमें बिल्कुल भी आराम या सुस्ताने का समय नहीं मिलता। खेलने के लिए उतरते ही आपको सीधे एक्शन में आना होता है; कोई 'साइटर्स' (पिच या गेंद को समझने के लिए शुरुआती गेंदें) या 'फ्री डिलीवरी' नहीं मिलतीं। इसलिए आपको हर पल पूरी तरह तैयार और सटीक रहना पड़ता है।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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