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श्रीलंका दौरे पर भारतीय बल्लेबाजी को लेकर चिंतित हूं: दीप दासगुप्ता

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज और लोकप्रिय कमेंटेटर दीप दासगुप्ता ने श्रीलंका के खिलाफ आने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज भारतीय बल्लेबाजी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल श्रीलंका की पिच भारतीय बल्लेबाजी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज और लोकप्रिय कमेंटेटर दीप दासगुप्ता ने श्रीलंका के खिलाफ आने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज भारतीय बल्लेबाजी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल श्रीलंका की पिच भारतीय बल्लेबाजी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

दीपदास गुप्ता ने शनिवार को अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "हमने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी देखी है। उसे देखने के बाद मैं यह नहीं कहूंगा कि डर है, लेकिन एक चिंता है। वे उन कंडीशन में कैसे खेल पाएंगे? क्योंकि वहां स्पिनरों के अनुकूल पिच होगी। श्रीलंका की ताकत स्पिन गेंदबाजी ही है। भारतीय बल्लेबाज उन परिस्थितियों का मुकाबला कैसे करेंगे? बल्लेबाज कैसे खेलेंगे? मेरे हिसाब से, यही सबसे बड़ी चुनौती होने वाली है।"

गुप्ता ने कहा, "मैं गेंदबाजी को लेकर उतना परेशान नहीं हूं। स्पिन विभाग में हमारे पास वॉशिंगटन सुंदर, सारांश जैन और कुलदीप यादव हैं। बल्लेबाजी चिंता का कारण है। हम दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड सीरीज देख सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "अगर गेंदबाजी के लिए अच्छी पिचें हैं, तो अपने आप अच्छे गेंदबाज भी मिल जाते हैं। सारांश भी आ गया है, जो एक अच्छा ऑफ-स्पिनर है और एक ऐसा इंसान है जो लंबे समय से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल रहा है। वह अच्छी बल्लेबाजी भी कर सकता है। असल में, टेस्ट मैच में, उसे शायद इसकी उतनी जरूरत न पड़े।"

पूर्व विकेटकीपर ने कहा, "विरोधी टीम को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। कोई भी टेस्ट सीरीज आसान नहीं है। भारतीय टेस्ट टीम एक बदलाव से गुजर रही है, इसलिए चाहे कुछ भी हो, कोई भी टेस्ट मैच आसान नहीं है।"

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में भारत की स्थिति अच्छी नहीं है। इस पर दीपदास ने कहा, "मुझे लगता है कि नौ टेस्ट मैच बाकी हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच, श्रीलंका के साथ दो और न्यूजीलैंड के साथ दो मैच खेलने हैं। भारत को कम से कम सात मैच जीतने होंगे, तभी टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई कर पाएगी। यह अपने आप में एक मुश्किल काम है।"

कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर बढ़ते दबाव पर उन्होंने कहा, "गंभीर से सवाल जरूर पूछे जाएंगे। जब टीम ठीक से नहीं खेलेगी, तो उनसे अलग-अलग सवाल पूछे जाएंगे। टीम के कप्तान से भी सवाल होगा। हम अपने घर में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड से हारे हैं।"

पूर्व विकेटकीपर ने कहा, "टीम मैनेजमेंट बदलाव की बात कर रही है। बदलाव के समय में एक दिशा देखना बहुत जरूरी है। बदलाव, मान लीजिए, न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज के बाद शुरू हुआ, फिर इंग्लैंड सीरीज आई। मुझे लगता है कि एक दिशा में देखना जरूरी है। मैं थोड़ा कन्फ्यूज हूं कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।"

भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज 15 से 27 अगस्त के बीच खेली जानी है।

--आईएएनएस

पीएके

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