ऋतु फोगाट: कुश्ती रिंग में ताकत दिखाने के बाद 'एमएमए' में पंच की गूंज
नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। भारतीय महिला कुश्ती को लोकप्रिय बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता की ऊंचाई पर ले जाने में फोगट बहनों का अहम योगदान रहा है। इसमें एक प्रमुख नाम ऋतु फोगाट का रहा है, जिन्होंने मात्र 8 साल की उम्र में ही कुश्ती के अखाड़े में अपना कदम रख दिया था।
ऋतु फोगाट का जन्म 2 मई 1994 को बलाली, हरियाणा में पूर्व पहलवान और मौजूदा दौर के दिग्गज कोच महावीर सिंह फोगाट के यहां हुआ था। ऋतु की मां का नाम दया कौर है। ऋतु का पूरा परिवार ही कुश्ती को समर्पित है। उनकी तीन बहनें, गीता फोगाट, बबिता फोगाट, और संगीता फोगाट, भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवान रही हैं।
ऋतु को कुश्ती में इतनी दिलचस्पी थी कि उन्होंने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर अपना पूरा समय कुश्ती को समर्पित करने का फैसला लिया था। अपने पिता और बहनों से कुश्ती के गुर सीखने वाली ऋतु ने 2016 में सिंगापुर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम भार वर्ग में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। अक्तूबर 2016 में ही ऋतु ने दूसरी बार नेशनल चैंपियनशिप जीती थी।
ऋतु 2016 में प्रो रेसलिंग लीग की नीलामी में सबसे महंगी पहलवानी रही थीं। उनके साथ जयपुर निंजा फ्रेंचाइजी ने 36 लाख रुपये का करार किया था। उन्होंने 2017 में पोलैंड में आयोजित वर्ल्ड अंड-19 सीनियर चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता।
ऋतु ने 2019 में कुश्ती से संन्यास लेने के बाद मिक्स मार्शल आर्ट (एमएमए) में हाथ आजमाने का फैसला किया था। इसकी पुष्टि उनके पिता महावीर फोगाट ने की थी। ऋतु ने एमएमए की ट्रेनिंग सिंगापुर में इवॉल्व टीम में मॉय-थाई और ब्राजीलियाई जिउ-जित्सु के साथ की थी। उनका लक्ष्य दुनिया भर में अपने प्रदर्शन से अपने देश को गर्व महसूस कराना और भारत से पहली वर्ल्ड मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियन बनना है।
एमएमए की वन चैम्पियनशिप के एटमवेट डिवीजन में उन्होंने हिस्सा लिया था। ऋतु ने नवंबर 2019 में वन एमएमए चैंपियनशिप: एज ऑफ ड्रैगन्स में साउथ कोरियन नाम ही किम के खिलाफ मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में डेब्यू किया और तीन मिनट के अंदर अपनी पहली फाइट जीत ली। वह अभी भी एमएमए में सक्रिय हैं।
--आईएएनएस
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