Samachar Nama
×

राशिद का खुलासा, 'एआई' से अभिषेक शर्मा को 'आउट' करने का तरीका पूछना चाहते हैं मुजीब उर रहमान

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। अफगान टीम भारत के खिलाफ टी20 सीरीज गंवा चुकी है। सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच 17 सितंबर को अरुण जेटली में खेला जाएगा, जिससे पहले अफगानिस्तान के मुख्य लेग-स्पिनर राशिद खान ने माना है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ दोनों टी20 मुकाबलों मे हालात को ठीक से नहीं समझ सकी। टीम को धीमे पावरप्ले और खराब शॉट सिलेक्शन का खामियाजा भुगतना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुजीब उर रहमान 'एआई' से अभिषेक शर्मा को आउट करने का तरीका पूछना चाहते हैं।

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। अफगान टीम भारत के खिलाफ टी20 सीरीज गंवा चुकी है। सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच 17 सितंबर को अरुण जेटली में खेला जाएगा, जिससे पहले अफगानिस्तान के मुख्य लेग-स्पिनर राशिद खान ने माना है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ दोनों टी20 मुकाबलों मे हालात को ठीक से नहीं समझ सकी। टीम को धीमे पावरप्ले और खराब शॉट सिलेक्शन का खामियाजा भुगतना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुजीब उर रहमान 'एआई' से अभिषेक शर्मा को आउट करने का तरीका पूछना चाहते हैं।

मंगलवार को खेले गए मैच में अफगानिस्तान की टीम 159/8 का स्कोर ही बना सकी। ऐसी पिच पर, जहां अक्सर बड़े स्कोर बनते हैं, यह स्कोर काफी नहीं लग रहा था और भारत ने आसानी से 14.5 ओवर में जीत दर्ज कर ली। अब अफगान टीम के पास तीसरे मैच को जीतकर अपनी साख बचाने का मौका है।

राशिद ने बुधवार को रेड बुल की तरफ से आयोजित एक खास बातचीत में 'आईएएनएस' से ​​कहा, "हमने हालात को ठीक से नहीं समझा। मुझे लगता है कि जैसा होना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ। हमने दिल्ली में काफी मैच खेले हैं और अगर आप मुकाबला जीतना चाहते हैं, तो आपको 200-210-220 रन बनाने होंगे। इसलिए, मेरे हिसाब से हमारी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और हमने पावरप्ले का सही इस्तेमाल नहीं किया। हमारे शॉट सिलेक्शन का स्तर अच्छा नहीं था। इसलिए, हम इसमें सुधार कर सकते हैं। यह हमारे लिए एक अच्छा सबक है और अगली बार हम बेहतर सोच और बेहतर शॉट सिलेक्शन के साथ खेलेंगे।"

हालांकि, राशिद के निजी प्रदर्शन को देखें, तो उन्होंने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 36 रन देकर 3 विकेट हासिल किए थे। बल्ले से उन्होंने 16 गेंदों में 28 रन की पारी खेली।

राशिद ने बताया कि सीरीज के पहले मैच में खराब प्रदर्शन से वह निराश थे और उन्होंने बेहतर इरादे के साथ बल्लेबाजी करने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा, "पहले मैच में, मैंने 10 गेंदें खेलीं और सिर्फ 1 रन बनाया। मुझे बहुत बुरा लग रहा था। स्कोरबोर्ड देखकर मैंने कहा, 'यह मैं नहीं हूं। मैं 10 गेंदों पर सिर्फ 1 रन कैसे बना सकता हूं? इसलिए, मैंने सोचा कि अगली बार जब मैं खेलने जाऊंगा, तो मैं अपना इरादा दिखाऊंगा, सकारात्मक मानसिकता के साथ खेलूंगा और एक अच्छी टीम के लिए खेलने के अपने अनुभव का इस्तेमाल करूंगा। मैंने पहली गेंद से ही पूरी ऊर्जा के साथ खेलने की कोशिश की। उस समय टीम को रनों की जरूरत थी। फिर भी, उस विकेट पर 159 रन काफी नहीं थे, लेकिन मैंने जितना हो सके स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश की। अगर मैं और रन बना सकता था, तो मैंने बनाए और इसीलिए मुझे थोड़ी शांति मिली।"

राशिद खान ने अपने टी20 करियर में कुल 549 मैच खेले हैं, जिसमें 739 विकेट चटकाए। इनमें 196 विकेट टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हासिल किए। राशिद लंबे समय से सबसे किफायती गेंदबाजों में से एक रहे हैं, उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच पर गेंदबाजी करते समय उनका तरीका चीजों को आसान रखना और किसी भी गेंद के नतीजे की परवाह किए बिना अपनी योजनाओं पर भरोसा करना था।

राशिद ने कहा, "मेरी गेंदबाजी का प्लान बहुत सीधा-सादा था। अगर मैं ज्यादा सोचूंगा, तो रन पड़ जाएंगे। अगर कम सोचूंगा, तो मेरे लिए अच्छा रहेगा। योजना आसान थी। मुझे कहां गेंदबाजी करनी है? किस बल्लेबाज को गेंदबाजी करनी है और कैसे करनी है? हां, छक्का पड़ सकता है, लेकिन अगर आप अपने प्लान पर टिके रहेंगे, तो कामयाब होंगे। मेरी योजना यही थी। चाहे कुछ भी हो जाए, वे चाहे कुछ भी करें, चाहे कितने भी चौके या छक्के मारें, मुझे सबसे पहले अपने प्लान पर अमल करना है। अगर मैं अपने प्लान पर अमल करूंगा, तो मुझे अपने आप अच्छे नतीजे मिलेंगे।"

दुनिया भर में एआई के प्रति दीवनगी अफगानिस्तान के ड्रेसिंग रूम तक भी पहुंच गई है। राशिद ने मंगलवार की हार के बाद हुई एक बातचीत को याद करते हुए बताया, "एक बहुत मजेदार घटना है। कल का मैच खत्म होने और हमारे वापस आने के बाद, मुजीब उर रहमान कह रहे थे, 'मैं एआई से पूछूंगा कि मुझे अभिषेक को कहां गेंदबाजी करनी चाहिए?' आजकल सब कुछ एआई पर ही है। मेरा टाइमपास भी एआई के साथ ही होता है। मैं उससे बहुत अजीब-अजीब सवाल पूछता हूं और फिर देखता हूं कि वह क्या कहता है।"

हालांकि, टीमों के लिए एक मुश्किल पहेली बने रहने का उनका अपना तरीका अभी भी पूरी तरह से पारंपरिक है और राशिद इसे उलझाना नहीं चाहते। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि हम मोबाइल या कंप्यूटर की तरह हैं, जहां हम बस खुद को अपडेट करने और अपना नया संस्करण लाने की कोशिश करेंगे। बात यह है कि हम सादगी से क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन अगर आप इसे मुश्किल नहीं बनाते हैं, तो आप सफल हो जाते हैं। कोशिश हमेशा अच्छी जगहों पर बॉलिंग करने की होती है और यही मेरी सफलता का मंत्र है। मैं बहुत ज्यादा करने की कोशिश नहीं करता - अच्छी जगहों पर अच्छी गेंदबाजी करो, ज्यादा सफलता मिलेगी, लेकिन अगर आप अच्छी जगहों पर कम बॉलिंग करते हैं, तो आपको कम सफलता मिलेगी।"

--आईएएनएस

आरएसजी

Share this story