प्रतिका और शेफाली ने जिस तरह से लक्ष्य का पीछा किया वह एक 'मास्टरक्लास' था: स्मृति मंधाना
वडोदरा, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। वडोदरा के कोताम्बी स्थित बीसीए स्टेडियम में तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे में विश्व चैंपियन भारत ने जिम्बाब्वे पर 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा की बेहतरीन बल्लेबाजी की तारीफ की और उनकी मैच जिताने वाली साझेदारी को 'मास्टरक्लास' करार दिया।
रावल ने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए, जबकि शेफाली ने सिर्फ 34 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की पारी खेली। भारत ने जिम्बाब्वे के 198 रनों के लक्ष्य को 27.1 ओवर में हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। लक्ष्य का पीछा करते हुए दोनों खिलाड़ियों के अंदाज की तारीफ करते हुए मंधाना ने कहा कि उनका प्रदर्शन भारत की इस शानदार जीत का सबसे अहम हिस्सा रहा। मैच के बाद मंधाना ने कहा, "हां, हम अपनी फील्डिंग में थोड़ा सुधार कर सकते हैं, कुछ कैच भी छूटे, लेकिन इसके अलावा, जिस तरह से शेफाली और प्रतिका ने लक्ष्य का पीछा किया, वह एक 'मास्टरक्लास' था।"
रावल ने शानदार नाबाद शतक जड़ते हुए पारी को संभाला और 15 चौके लगाए, जबकि शेफाली ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 5 चौके और 4 छक्के जड़े। मंधाना के 34 गेंदों पर 32 रन बनाकर आउट होने के बाद, इस जोड़ी ने भारत की स्थिति को मजबूत बनाए रखा और 9 विकेट शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
इससे पहले, भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की पूरी टीम को 49.5 ओवर में 197 रनों पर समेटा। स्पिनर श्री चरणी ने 23 रन देकर 4 विकेट लिए। क्रांति गौड़ ने 3 विकेट लिए, जबकि उप-कप्तान दीप्ति शर्मा ने 2 और शेफाली ने 1 विकेट हासिल किया। मंधाना ने अलग मैदान पर खुद को अच्छी तरह ढालने के लिए गेंदबाजी यूनिट की तारीफ की। उन्होंने विशेष रूप से चरणी के प्रदर्शन का जिक्र किया और तेज गेंदबाजों द्वारा दिखाए गए अनुशासन की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "एक अलग मैदान पर आकर मुझे लगता है कि गेंदबाजों ने बहुत अच्छे से खुद को ढाला। खासकर श्री चरणी, जो हमारे लिए सबसे बेहतरीन गेंदबाज रहीं। इसके अलावा तेज गेंदबाजों ने भी बहुत अनुशासित होकर गेंदबाजी की, जिसमें क्रांति का जिक्र करना चाहूंगी।"
बड़ी जीत के बावजूद, भारतीय कप्तान ने माना कि जिम्बाब्वे की पारी के कुछ हिस्सों में उनकी टीम मैदान पर और अधिक तीव्रता दिखा सकती थी। पिछले सात महीनों में भारत ने मुख्य रूप से टी20 क्रिकेट खेला है, और मंधाना ने कहा कि 50 ओवर के फॉर्मेट में वापस लौटने के लिए कुछ बदलावों की जरूरत थी। उन्होंने कहा, "हम बहुत लंबे समय बाद 50 ओवर का मैच खेल रहे हैं। पिछले सात महीनों से हम लगातार टी20 क्रिकेट खेल रहे थे, इसलिए 20 से 35 ओवर के बीच हम मैदान पर और अधिक तीव्रता दिखा सकते थे। यह एक ऐसी सीख है जिसे हम इस मैच से साथ ले जा रहे हैं और इस पर काम करेंगे।"
मंधाना ने गेंदबाजी आक्रमण में निरंतरता बनाए रखने के लिए आपसी बातचीत को एक अहम कारक बताया, खासकर तब जब खिलाड़ी टी20 और वनडे टीमों के बीच आते-जाते रहते हैं। उन्होंने गेंदबाजों को उनकी भूमिकाएं समझाने और योजनाओं को स्पष्ट रखने में मदद करने के लिए सपोर्ट स्टाफ, विशेष रूप से गेंदबाजी कोच आविष्कार साल्वी को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, "फिर से कहूंगी, यह सब आपसी बातचीत की बात है। आपको खिलाड़ियों के साथ बिल्कुल स्पष्ट रहना होता है। जब वह टीम में आए, तो हमने काफी बातचीत की—खासकर टी20 से वनडे टीम में आने वाले खिलाड़ियों के साथ—हमारे पास इसके लिए दो दिन थे।"
मंधाना ने आगे कहा, "बेहतरीन कम्युनिकेशन और सपोर्ट स्टाफ, खासकर आविष्कार (साल्वी) सर का योगदान बहुत अहम है। वह हमेशा गेंदबाजों के साथ रहते हैं, उनके साथ तालमेल बिठाते हैं और फिर योजनाओं के साथ मेरे पास आते हैं। वह अपना काम बहुत अच्छे से करते हैं, जिससे मेरा काम काफी आसान हो जाता है।"
दूसरे वनडे के बारे में बात करते हुए मंधाना ने कहा कि लंबे फॉर्मेट में वापसी के बाद टीम को थोड़ा आराम मिलेगा। इसके साथ ही, इस समय का उपयोग खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल और मजबूत करने के लिए किया जाएगा, जिसमें हाल ही में टीम से जुड़े नए खिलाड़ी भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि एक रिलैक्स्ड और सुकून भरा दिन अच्छा रहेगा, क्योंकि हम सभी ने बहुत लंबे समय बाद वनडे क्रिकेट खेला है। तो हां, हम एक-दूसरे के साथ समय बिताएंगे और बाकी खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से जानने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी टीम में कई नए खिलाड़ी आए हैं जो काफी ऊर्जा से भरे हैं।"
--आईएएनएस
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