पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों के जरिए वैश्विक स्तर पर भागीदारी लगातार मजबूत कर रहा है: रक्षा खडसे
राजगीर, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। युवा मामले और खेल मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने भारत-न्यूजीलैंड के बीच अंडर-20 रग्बी सीरीज के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह सीरीज खेल कूटनीति को मजबूत करने, युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाने और खेल विकास में सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
'खेल के माध्यम से एकता के 100 साल' पहल के तहत बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित यह सीरीज, भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों की एक सदी पूरी होने का प्रतीक है।
बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को ऐतिहासिक भारत-न्यूजीलैंड अंडर-20 रग्बी सीरीज का समापन हुआ। 'खेल के माध्यम से एकता के 100 साल' पहल के अंतर्गत आयोजित यह सीरीज दोनों देशों के खेल संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।
इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भारत सरकार की युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, बिहार सरकार की खेल और युवा मामले मंत्री श्रेयसी सिंह, भारत में न्यूजीलैंड के कार्यवाहक उच्चायुक्त मैट आयर्स, बिहार रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष और बिहार विधान परिषद सदस्य संजय मयूख और रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस उपस्थित रहे।
यह सीरीज भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने में खेलों की भूमिका को दर्शाती है। भारत और न्यूजीलैंड के युवा खिलाड़ियों को एक साथ लाकर इस आयोजन ने दिखाया कि खेल किस तरह 'सॉफ्ट पावर' के एक सशक्त माध्यम के रूप में काम कर सकते हैं। इससे देशों के बीच आपसी समझ, दोस्ती और दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा मिलता है।
भारत और न्यूजीलैंड की अंडर-20 पुरुष और महिला टीमों को एक साथ लाने वाली इस सीरीज ने युवा खिलाड़ियों को रग्बी के माध्यम से जुड़ने, एक-दूसरे से सीखने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम में संयुक्त प्रशिक्षण सत्र, सांस्कृतिक बातचीत और चार बेहद प्रतिस्पर्धी 'रग्बी सेवन्स' मैच शामिल थे। इनमें इतिहास में पहली बार दो 'मिक्स्ड-टीम' (मिली-जुली टीमों) के मैच भी हुए, जिनमें दोनों देशों के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने एक साथ मिलकर खेला, जिससे बेहद रोमांचक रग्बी देखने को मिली। खेल किस तरह सीमाओं को मिटा सकता है, इसका इससे बेहतर उदाहरण और कोई नहीं हो सकता।
इस मौके पर रक्षा खडसे ने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी भागीदारी को लगातार मजबूत कर रहा है। भारत खेलों को 'सॉफ्ट पावर' के एक सशक्त माध्यम के रूप में पहचानता है। भारत-न्यूजीलैंड अंडर-20 रग्बी सीरीज इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे खेल सीमाओं के पार जाकर आपसी समझ को बढ़ावा दे सकते हैं और एकता तथा मित्रता की भावना के जरिए देशों को करीब ला सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने के अवसर पर इस तरह के आयोजन यह दिखाते हैं कि खेल साझेदारियां किस प्रकार द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर सकती हैं, सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा दे सकती हैं और अलग-अलग देशों के युवाओं के बीच स्थायी संबंध बना सकती हैं।"
बिहार सरकार में खेल और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में बिहार अपने खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राजगीर में इस विशेष भारत-न्यूजीलैंड रग्बी एक्सचेंज की मेजबानी करना बिहार के लिए गर्व की बात है। खेल लोगों और संस्कृतियों को एक साथ लाता है। यह सीरीज दोनों देशों के युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव साझा करने, एक-दूसरे से सीखने और स्थायी संबंध बनाने का मौका देती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खेल सहयोग और सांस्कृतिक समझ और भी मजबूत होती है।"
न्यूजीलैंड से आए प्रतिनिधिमंडल में अंडर-20 पुरुष टीम 'तामा तोआ' और अंडर-20 महिला टीम 'हिने तोआ' शामिल थीं, जिनमें 24 युवा माओरी खिलाड़ी थे। इस दौरे ने खिलाड़ियों को भारतीय संस्कृति को जानने-समझने का मौका दिया, साथ ही उन्हें अपने भारतीय साथियों के साथ अपनी परंपराओं और दृष्टिकोणों को साझा करने का अवसर भी मिला।
--आईएएनएस
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