'थर्र थर्र कांप रहा पाकिस्तान' रावलपिंडी स्टेडियम पर ड्रोन अटैक की खबर, PSL की उडी धज्जियां
क्रिकेट न्यूज डेस्क।। अब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है। पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले के बाद भारत ने दुश्मन देश को ऐसा जवाब दिया है जिससे वह कांप उठा है। इस बीच खबर है कि रावलपिंडी में ड्रोन हमले के कारण पाकिस्तान सुपर लीग के मैच भी खतरे में हैं। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि ड्रोन हमले में रावलपिंडी स्टेडियम क्षतिग्रस्त हो गया।
यह मैच पेशावर जाल्मी और कराची किंग्स के बीच खेला जाएगा।
पाकिस्तान सुपर लीग का 27वां मैच 8 मई (गुरुवार) को रावलपिंडी स्टेडियम में डेविड वॉर्नर की कराची किंग्स और बाबर आजम की पेशावर जाल्मी के बीच खेला जाएगा। लेकिन इस मैच पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक पीएसएल को रोकने का फैसला नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर फैसला हो सकता है।
An Indian drone has hit Rawalpindi Cricket Stadium. The stadium is hosting the PSL tournament, where Peshawar and Karachi will be playing tonight at 8:00 PM. pic.twitter.com/MNwoh1kwbl
— Ihtisham Ul Haq (@iihtishamm) May 8, 2025
दोनों टीमों में कई विदेशी खिलाड़ी हैं।
कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी की टीमों में कई विदेशी खिलाड़ी हैं। कप्तान डेविड वार्नर के अलावा कराची किंग्स के पास मोहम्मद नबी, जेम्स विंस, टिम सेफर्ट जैसे विदेशी खिलाड़ी हैं। वहीं, पेशावर जाल्मी टीम में टॉम कोहलर कैडमोर, ल्यूक वुड, अल्जारी जोसेफ, मैक्स ब्रायंट हैं। अब इन खिलाड़ियों की सुरक्षा खतरे में है। आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने अपने देश के क्रिकेट बोर्ड से जल्द से जल्द पाकिस्तान से बाहर निकलने की अपील की है।
विदेशी खिलाड़ी पाकिस्तान छोड़ना चाहते हैं
सूत्रों के अनुसार कुछ विदेशी खिलाड़ी पाकिस्तान छोड़ना चाहते हैं। मुल्तान सुल्तांस के डेविड विली और क्रिस जॉर्डन ने अपनी फ्रेंचाइजी से कहा है कि वे अब स्वदेश लौटना चाहते हैं। आपको बता दें कि मुल्तान सुल्तान की टीम पहले ही प्लेऑफ से बाहर हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड तथा प्रोफेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन खिलाड़ियों के संपर्क में हैं। उन्होंने अभी तक खिलाड़ियों को पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश नहीं दिया है, लेकिन ब्रिटेन सरकार स्थिति पर नजर रख रही है।

