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पंजाब में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन पर हरमनप्रीत बोले-'पहली बार मेरे पिता मुझे लाइव खेलते देखेंगे'

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 भारतीय टीम के लिए एक खास अवसर है। यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में खेला जाएगा और इसके साथ ही राज्य में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होगी।

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 भारतीय टीम के लिए एक खास अवसर है। यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में खेला जाएगा और इसके साथ ही राज्य में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होगी।

भारत इस छह टीमों वाले टूर्नामेंट में मलेशिया, साउथ कोरिया, चीन, जापान और बांग्लादेश के साथ मुकाबला करेगा। टूर्नामेंट का आयोजन जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। 2023 में चेन्नई में आयोजन के बाद यह दूसरी बार होगा जब भारत पुरुषों की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा।

हरमनप्रीत के लिए इस टूर्नामेंट का खास महत्व है क्योंकि भारतीय कप्तान को अपने गृह राज्य में परिवार के सदस्यों के सामने इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिलेगा। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा, "यह पूरी टीम के लिए खासकर पंजाब के खिलाड़ियों के लिए एक खास मौका होगा क्योंकि यह पहली बार है जब हम पंजाब में किसी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत की जर्सी पहनकर खेलेंगे।"

हरमनप्रीत ने कहा, "उम्मीद है कि मेरा पूरा परिवार स्टेडियम में मौजूद रहेगा और पहली बार मुझे एक साथ इंटरनेशनल मैच खेलते हुए देखेगा। इसमें मेरे पिता भी शामिल होंगे, जिन्होंने मुझे कभी स्टेडियम में बैठकर देश के लिए खेलते हुए नहीं देखा है।" हरमनप्रीत देश के पहले ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने लगातार दो एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का नेतृत्व किया है।

इस टूर्नामेंट से भारतीय हॉकी में पंजाब के लंबे समय से चले आ रहे योगदान पर भी ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। ग्रासरूट अकादमियों और गांवों के खेल के मैदानों से लेकर इंटरनेशनल मंच तक, इस राज्य ने देश के कुछ सबसे मशहूर खिलाड़ी दिए हैं, जिनमें उधम सिंह, बलबीर सिंह सीनियर, मनप्रीत सिंह और खुद हरमनप्रीत सिंह शामिल हैं।

खासकर जालंधर का इस खेल के इतिहास से गहरा नाता रहा है, जहां संसारपुर और मीठापुर जैसे इलाकों में हॉकी खेलने वाले समुदायों ने कई पीढ़ियों तक प्रतिभाओं को निखारा है। बर्ल्टन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक ओपनिंग सेरेमनी और लीग-स्टेज के मैच होंगे।

इसके बाद टूर्नामेंट मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होगा, जहां 4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल और मेडल मैच खेले जाएंगे। भारत इस टूर्नामेंट में मौजूदा चैंपियन और इतिहास की सबसे सफल टीम के तौर पर उतर रहा है। टीम ने 2011, 2016, 2018 (संयुक्त विजेता), 2023 और 2024 में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। एशियाई खेलों की मौजूदा चैंपियन टीम अपने अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को जालंधर में बांग्लादेश के खिलाफ करेगी।

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली छह टीमें लीग स्टेज में एक-दूसरे से एक-एक बार भिड़ेंगी और टॉप चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। यह टूर्नामेंट भारत के लिए अपने खिताब का बचाव करने का मौका है, साथ ही उन्हें ऐसे इलाके में अपने समर्थकों के सामने खेलने का मौका मिलेगा जहां हॉकी खेल संस्कृति का अहम हिस्सा है।

महाद्वीपीय सम्मान की होड़ के अलावा, इंटरनेशनल हॉकी की वापसी पंजाब को अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को दिखाने और स्थानीय समर्थकों को राष्ट्रीय टीम से फिर से जोड़ने का मौका देगी। हरमनप्रीत जैसे खिलाड़ियों के लिए यह मौका घर के करीब भारत का प्रतिनिधित्व करने का अनुभव भी देगा, जिससे एशियाई हॉकी कैलेंडर के इस अहम टूर्नामेंट में एक व्यक्तिगत पहलू भी जुड़ेगा।

--आईएएनएस

एसएम/पीएम

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