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नीरज चोपड़ा को ढूंढनी होगी श्रीलंकाई रुमेश पाथिरागे की काट, लगातार तीसरी बार पिछड़े

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। शुक्रवार की रात भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें स्विट्जरलैंड के लॉजेन में हुए जैवलिन इवेंट पर लगी थी। भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा का थ्रो इस बार उन्हें पहले स्थान पर लाएगा। नीरज का प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन वह पहला स्थान प्राप्त नहीं कर सके। पहले स्थान हासिल किया श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने, जो हाल के दिनों में नीरज के सबसे तगड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे हैं।

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। शुक्रवार की रात भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें स्विट्जरलैंड के लॉजेन में हुए जैवलिन इवेंट पर लगी थी। भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा का थ्रो इस बार उन्हें पहले स्थान पर लाएगा। नीरज का प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन वह पहला स्थान प्राप्त नहीं कर सके। पहले स्थान हासिल किया श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने, जो हाल के दिनों में नीरज के सबसे तगड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे हैं।

लॉजेन डायमंड लीग में शुक्रवार रात 28 साल के नीरज ने 88.05 मीटर का थ्रो फेंका। माना जा रहा था कि यह इवेंट का बेस्ट थ्रो हो सकता है और नीरज आसानी से पहले स्थान प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे का इरादा कुछ और था। 23 साल के इस जैवलिन थ्रोअर ने 88.14 मीटर का थ्रो किया। रुमेश पथिरागे का थ्रो नीरज के थ्रो से 9 सेंटीमीटर अधिक था, लेकिन इसका जवाब नीरज के पास नहीं था। नीरज अपने आगे के प्रयासों में पथिरागे को पीछे नहीं छोड़ सके और परिणामस्वरुप उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.69 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

यह लगातार तीसरा मौका था, जब पथिरागे ने नीरज चोपड़ा को दूसरे स्थान पर ढकेला। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हाल ही में पथिरागे ने नीरज को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया था और स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। नीरज दूसरे स्थान पर रहे थे। कॉमनवेल्थ से पहले जून में दोहा डायमंड लीग में भी पथिरागे ने नीरज को दूसरे नंबर पर पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया था।

नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में जैवलिन में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। उस समय माना जा रहा था कि नीरज को फिलहाल चुनौती नहीं मिल सकती। पेरिस ओलंपिक 2024 में नीरज को पाकिस्तान के अरशद नदीम से चुनौती मिली। अरशद ने स्वर्ण जीता, जबकि नीरज को दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत से संतोष करना पड़ा।

2024 के बाद अरशद नदीम के प्रदर्शन में बड़ी गिरावट आई है, जबकि नीरज इंजरी से जूझते रहे हैं और इस वजह से उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ है। हालांकि, इंजरी से रिकवर कर उन्होंने जब भी जैवलिन पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश की है, उनके सामने श्रीलंका के पथिरागे आ जाते हैं। उम्र में नीरज से 5 साल छोटे और कहीं न कहीं कम सुविधाओं के बावजूद पथिरागे की ऊर्जा और जोश नीरज पर पिछले तीन मुकाबलों में भारी पड़ी है। पथिरागे को विश्व जैवलिन का अगला बड़ा और सबसे चमकदार नाम माना जाने लगा है। नीरज को जैवलिन में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए पथिरागे की चुनौती तोड़ने का तरीका ढूंढ़ना होगा।

--आईएएनएस

पीएके

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