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मानसिक दबाव के बावजूद आईपीएल घरेलू क्रिकेट से आसान है: मुकुल चौधरी

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। आईपीएल 2026 में जिन युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है, उनमें एक नाम लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के लिए खेल रहे मुकुल चौधरी का भी है। मध्यक्रम के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने अपने छक्के लगाने की काबिलियत की बदौलत जमकर सुर्खियां बटोरी हैं। मुकुल ने आईपीएल के दबाव और टीम की उम्मीदों के हिसाब से खुद को ढालने के बारे में खुलकर बात की है।
मानसिक दबाव के बावजूद आईपीएल घरेलू क्रिकेट से आसान है: मुकुल चौधरी

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। आईपीएल 2026 में जिन युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है, उनमें एक नाम लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के लिए खेल रहे मुकुल चौधरी का भी है। मध्यक्रम के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने अपने छक्के लगाने की काबिलियत की बदौलत जमकर सुर्खियां बटोरी हैं। मुकुल ने आईपीएल के दबाव और टीम की उम्मीदों के हिसाब से खुद को ढालने के बारे में खुलकर बात की है।

मुकुल चौधरी ने जियोस्टार से कहा, "आईपीएल में मानसिक दबाव ज्यादा होता है। आपको ज्यादा लोग देख रहे होते हैं। हालांकि, कुछ मायनों में, यहां चीजें आसान होती हैं, क्योंकि आप विरोधी टीम के गेंदबाजों, उनकी ताकत और उनकी योजनाओं को जानते हैं। आपके पास तैयारी के लिए वीडियो एनालिसिस और डेटा होता है। घरेलू क्रिकेट में, आपके पास ये सब नहीं होता।"

चौधरी ने कहा, "आईपीएल के माहौल में तैयारी ज्यादा बारीकी से होती है। सुर्खियों में रहना और लोगों की उम्मीदें नए खिलाड़ियों के लिए एक बिल्कुल अलग तरह की चुनौती खड़ी कर देती हैं।"

उन्होंने कहा, "दबाव तब आता है, जब आपको एक बड़े मंच पर, इतने सारे दर्शकों के सामने प्रदर्शन करना होता है—खासकर तब, जब आप आईपीएल में नए होते हैं। थोड़ा-बहुत मानसिक दबाव तो होता ही है। लेकिन अगर आप शांत रहें और अपनी प्रक्रियाओं पर टिके रहें, तो यहां भी चीजें संभाली जा सकती हैं।"

सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हुए मुकाबले से लीग में डेब्यू करने वाले मुकुल ने बताया कि उन्हें शुरू में उम्मीद नहीं थी कि प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी। मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं था। जब मुझे बताया गया कि शायद मुझे मौका मिल सकता है, और फिर आखिरकार यह बताया गया कि मैं प्लेइंग इलेवन में हूं, तो मेरी प्रतिक्रिया बहुत सामान्य सी थी।

मुकुल ने कहा, "मानसिक रूप से मैं तैयार था, मुझे पता था कि मुझे अपना काम करना है। आप इस बात की चिंता नहीं कर सकते कि मौका कब मिलेगा। मौका कभी भी मिल सकता है। इसलिए मैं लगातार तैयारी करता रहा। जब मैं मैच खेलने मैदान पर उतरा, तो मुझे बहुत अंतर महसूस नहीं हुआ। बस कुछ नई चीजें थीं—भीड़, कैमरे और लाइव टेलीविजन पर आना। इससे थोड़ा दबाव तो बना, लेकिन मैं उसे संभाल पाया। मैं इसके लिए तैयार था।"

21 साल के मुकुल चौधरी ने सीजन के 9 मैचों की 9 पारियों में 169 रन बनाए। केकेआर के खिलाफ 27 गेंदों पर खेली गई नाबाद 54 रन की पारी ने उन्हें काफी चर्चा दिलायी।

--आईएएनएस

पीएके

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