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मैं टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी कर सकती हूं, सब माइंडसेट की बात है : तेजल हसबनीस

वडोदरा, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय बल्लेबाज तेजल हसबनीस का मानना है कि अलग-अलग मैच स्थितियों के लिए की गई पुख्ता तैयारी ही उनके हालिया अच्छे प्रदर्शन का राज है। उनका कहना है कि इससे उन्हें वह स्पष्टता मिलती है, जिसकी जरूरत उन्हें मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने उतरते समय होती है।

वडोदरा, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय बल्लेबाज तेजल हसबनीस का मानना है कि अलग-अलग मैच स्थितियों के लिए की गई पुख्ता तैयारी ही उनके हालिया अच्छे प्रदर्शन का राज है। उनका कहना है कि इससे उन्हें वह स्पष्टता मिलती है, जिसकी जरूरत उन्हें मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने उतरते समय होती है।

तेजल ने मोहाली में ऑस्ट्रेलिया 'ए' के ​​खिलाफ 50 ओवरों की सीरीज में भारत 'ए' के ​​लिए दो अर्धशतक जड़े, जिससे टीम ने 2-1 से सीरीज जीती। इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में बुलाया गया है, जो बीसीए स्टेडियम में खेली जा रही है।

तेजल ने ब्रॉडकास्टर्स के साथ बातचीत में कहा, "सच कहूं तो, मुझे लगता है कि एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर तैयारी बहुत अहम है, क्योंकि मैं खुद को अलग-अलग तरह की स्थितियों में ढालने की कोशिश करती हूं। जैसा कि आपने कहा, मैं अलग-अलग पहलुओं पर काफी अभ्यास करती हूं। जैसे मुझे किन क्षेत्रों को निशाना बनाना है या मुझे किस तरह की पारी आगे बढ़ानी है।"

उन्होंने आगे कहा, "फिर जब मैं मैच खेल रही होती हूं, तो मैं बस पूरी स्पष्टता रखने की कोशिश करती हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि स्पष्टता से बेहतर नतीजे मिलते हैं। इसी कारण तैयारी मददगार होती है। अच्छी तैयारी से चीजें स्पष्ट हो जाती हैं और स्पष्टता से बेहतर परिणाम मिलते हैं।"

ऑस्ट्रेलिया 'ए' के ​​खिलाफ लगातार मैचों में 81 और 60 रन की पारियों के बारे में बात करते हुए दाएं हाथ की बल्लेबाज तेजल ने कहा कि वर्तमान में बने रहना और मैच की स्थिति पर पैनी नजर रखने से उन्हें विपक्षी गेंदबाजों के मुकाबले आगे रहने में मदद मिली। उन्होंने कहा, "मैं बस वर्तमान स्थिति पर ध्यान दे रही थी, स्कोरबोर्ड को देख रही थी और उसी के हिसाब से खुद को ढाल रही थी। इससे मुझे मदद मिली। तकनीकी रूप से भी मैं उनसे एक कदम आगे रहने की कोशिश कर रही थी और यह काम कर गया।"

जब उनसे पूछा गया कि उनकी तैयारी में मानसिक पहलू ज्यादा था या तकनीकी, तो तेजल ने कहा कि इसमें 'खुद पर भरोसा' सबसे अहम रहा। इसके साथ ही, उन्हें अपनी इस क्षमता पर भी पूरा भरोसा था कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी बल्लेबाजी की गति बदल सकती हैं और स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ा सकती हैं।

तेजल ने कहा, "मुझे लगता है कि यह सब बस माइंडसेट की बात है। मुझे पता है कि मेरे पास दोनों तरह के गेयर हैं - यानी जब भी टीम को जरूरत हो, मैं आक्रामक रुख अपना सकती हूं, और अगर स्थिति वैसी हो, तो मैं स्ट्राइक रोटेट करने में भी माहिर हूं। मुझे लगता है कि बस खुद पर भरोसा रखने और स्कोरबोर्ड के हिसाब से खेलने की बात है।"

--आईएएनएस

एसएम/एबीएम

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