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केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने पूर्व तेज गेंदबाज श्रीसंत पर लगा तीन साल का प्रतिबंध हटाया

तिरुवनंतपुरम, 1 जुलाई (आईएएनएस)। केरल क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्रीसंत पर लगे तीन साल के प्रतिबंध को हटाने का फैसला किया है। टी20 विश्व कप 2007 और वनडे विश्व कप 2013 जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे श्रीसंत के लिए यह अच्छी खबर है।

तिरुवनंतपुरम, 1 जुलाई (आईएएनएस)। केरल क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्रीसंत पर लगे तीन साल के प्रतिबंध को हटाने का फैसला किया है। टी20 विश्व कप 2007 और वनडे विश्व कप 2013 जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे श्रीसंत के लिए यह अच्छी खबर है।

यह बैन तब लगाया गया था जब श्रीसंत ने कथित तौर पर विजुअल और सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी बातें की थीं जिन्हें एसोसिएशन के लिए अपमानजनक माना गया था। उन्होंने इस फैसले को तिरुवनंतपुरम मुंसिफ कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद, श्रीसंत ने केसीए के खिलाफ कही गई अपनी बातों पर अफसोस जताते हुए बिना शर्त आधिकारिक तौर पर माफी मांग ली थी।

1 जुलाई, 2026 को हुई केसीए की स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग में, सदस्यों ने उनकी माफी पर विस्तृत चर्चा की। उनके बिना शर्त अफसोस जताने पर विचार करते हुए, जनरल बॉडी ने एकमत से उन पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने का फैसला किया। हालांकि, एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा कोई भी व्यवहार दोहराने पर उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिबंध हटने के बाद, श्रीसंत केरल क्रिकेट लीग (केसीएसल) के सीजन 3 में एरीज कोल्लम सेलर्स फ्रेंचाइजी के सह-मालिक के तौर पर काम करते रहेंगे। केसीए ने पिछले केसीएल सीजन से पहले प्रतिबंध लगाया था।

एस. श्रीसंत केरल से भारतीय टीम के लिए खेलने वाले बड़े क्रिकेटर रहे हैं। वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2005 से 2011 के बीच श्रीसंत ने भारत के लिए 27 टेस्ट, 53 वनडे, और 10 टी20 खेले। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज के नाम टेस्ट में 87, वनडे में 75, और टी20 में 7 विकेट दर्ज हैं।

वनडे विश्व कप 2011 और टी20 विश्व कप 2007 का हिस्सा रहे श्रीसंत का करियर आईपीएल में फिक्सिंग के आरोपों की वजह से 2013 में समाप्त हो गया था। बीसीसीआई ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। जुलाई 2015 में उन्हें दिल्ली की एक विशेष अदालत द्वारा आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के सभी आपराधिक आरोपों से बरी कर दिया गया था। मार्च 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उन पर बीसीसीआई द्वारा लगाया गया आजीवन प्रतिबंध भी हटा दिया।

--आईएएनएस

पीएके

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