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केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अरुणाचल प्रदेश अंडर-16 क्रिकेट टीम को नए साल की बधाई दी

सूरत, 1 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को सूरत एयरपोर्ट पर अरुणाचल प्रदेश अंडर-16 क्रिकेट टीम से मुलाकात की और उन्हें नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अरुणाचल प्रदेश अंडर-16 क्रिकेट टीम को नए साल की बधाई दी

सूरत, 1 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को सूरत एयरपोर्ट पर अरुणाचल प्रदेश अंडर-16 क्रिकेट टीम से मुलाकात की और उन्हें नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट की है। इस वीडियो में वह अरुणाचल प्रदेश के अंडर-16 क्रिकेट खिलाड़ियों से मिलते हुए नजर आ रहे हैं।

वीडियो के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, "अरुणाचल प्रदेश की विजय मर्चेंट ट्रॉफी खेलने आई अंडर-16 टीम से सूरत एयरपोर्ट पर अचानक मुलाकात हुई। उनसे मिलकर हृदय आनंदित हो गया, सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी।"

विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश प्लेट ग्रुप में शामिल रही। अरुणाचल ने 5 मैचों में 2 मैच जीते, जबकि 3 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। इस ग्रुप में जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मेघालय के रूप में छह टीमें हैं। अंकतालिका में अरुणाचल प्रदेश चौथे नंबर पर है। प्लेट ग्रुप में जम्मू-कश्मीर पहले, मिजोरम दूसरे और सिक्किम तीसरे स्थान पर है। नागालैंड पांचवें और मेघालय छठे स्थान पर है।

अरुणाचल प्रदेश ने सूरत में विजय मर्चेंट ट्रॉफी के दौरान खेले मैचों में मेघालय और नागालैंड के खिलाफ जीत हासिल की, जबकि सिक्किम, मिजोरम और जम्मू-कश्मीर के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा। टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी अरुणाचल प्रदेश ने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्षमता से प्रभावित किया और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जगाई।

विजय मर्चेंट ट्रॉफी बीसीसीआई द्वारा आयोजित अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट है। यह लंबे फॉर्मेट में खेला जाता है। टूर्नामेंट लीग-कम-नॉकआउट फॉर्मेट में होता है, जिसमें टीमें एलीट और प्लेट ग्रुप में विभाजित होती हैं। फाइनल में कभी-कभी पहली पारी में बढ़त के आधार पर विजेता की घोषणा होती है। टूर्नामेंट की शुरुआत युवा क्रिकेटरों को टेस्ट फॉर्मेट के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 1972-73 में की गई थी। इस टूर्नामेंट का इतिहास समृद्ध रहा है। महानतम सचिन तेंदुलकर जैसे बल्लेबाज इस टूर्नामेंट की देन हैं।

--आईएएनएस

पीएके

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