जूनियर राइफल शूटरों ने SAI कोच पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, वीडियो में जाने दिल्ली की शूटिंग रेंज से हटाया गया
भारतीय जूनियर राइफल निशानेबाजों की ओर से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के एक कोच पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। मामला जून में जर्मनी के सुहल में आयोजित जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान का बताया जा रहा है। आरोप सामने आने के बाद SAI ने आरोपी कोच को दिल्ली की डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज से हटा दिया है। फिलहाल मामले की आंतरिक जांच की प्रक्रिया जारी है और पुलिस में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
जर्मनी में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान आरोप
भारतीय शूटिंग टीम जून में जर्मनी के सुहल में आयोजित जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसी दौरे के दौरान कुछ जूनियर महिला निशानेबाजों ने कोच पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।आरोप सामने आने के बाद मामले को शूटिंग से जुड़ी आंतरिक शिकायत व्यवस्था के तहत उठाया गया। हालांकि, अभी तक आरोपों की पूरी प्रकृति और घटना से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी ने सुना कोच का पक्ष
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी ने मामले में खिलाड़ियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर आरोपी कोच का पक्ष भी सुना।NRAI सूत्रों के अनुसार, कमेटी की प्रक्रिया के बाद एसोसिएशन ने अपनी रिपोर्ट SAI को भेजी। इसके आधार पर SAI ने आरोपी कोच को दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज से हटा दिया।आरोपों का सामना कर रहा कोच SAI का कर्मचारी है। फिलहाल उसे शूटिंग रेंज से हटाए जाने के बाद मामले की आंतरिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
पुलिस में अब तक नहीं हुई शिकायत
इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है। यानी फिलहाल यह मामला संबंधित खेल संस्थाओं की आंतरिक शिकायत और जांच प्रक्रिया के दायरे में है।SAI और NRAI की ओर से की जा रही प्रक्रिया का उद्देश्य लगाए गए आरोपों की जांच करना और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करना है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या है।
जांच पूरी होने तक आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं
मामले में आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है। इसलिए आरोपों को अंतिम रूप से साबित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता। उपलब्ध जानकारी में यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित घटनाओं की संख्या कितनी है या आरोपों की विस्तृत प्रकृति क्या है।फिलहाल इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने और संबंधित संस्थाओं की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।जूनियर खिलाड़ियों से जुड़े इस मामले ने खेल संस्थानों में खिलाड़ियों की सुरक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खासकर विदेश दौरों के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके लिए उपलब्ध शिकायत तंत्र की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

