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जो पहचान उन्हें मिल रही, वो भारतीय महिला टीम ने कड़ी मेहनत से हासिल की है: निरंजना नागराजन

नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने कहा कि लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड पर भारत की 270 रनों की ऐतिहासिक जीत महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से अहम साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह जीत दुनिया भर में महिलाओं के लाल गेंद क्रिकेट को देखने के नजरिए को हमेशा के लिए बदल देगी।

नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने कहा कि लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड पर भारत की 270 रनों की ऐतिहासिक जीत महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से अहम साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह जीत दुनिया भर में महिलाओं के लाल गेंद क्रिकेट को देखने के नजरिए को हमेशा के लिए बदल देगी।

13 जुलाई को हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 186 रनों पर ऑलआउट करके एक यादगार टेस्ट जीत हासिल की। ​​विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनीं और उन्होंने 113 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं, क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लेकर मशहूर ऑनर्स बोर्ड पर अपनी जगह बनाई।

ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर स्नेह राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। । इसके साथ ही भारत ने महिला टेस्ट में रनों के अंतर से अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत और कुल मिलाकर चौथी सबसे बड़ी जीत हासिल की। निरंजना नागराजन ने 'आईएएनएस' के साथ खास बातचीत करते हुए लॉर्ड्स की जीत को सबसे खास बताया।

उन्होंने कहा, "यह भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे बेहतरीन पलों में से एक माना जाएगा। हां, हमने वर्ल्ड कप जीता है और वह सबसे ऊपर रहेगा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट ही क्रिकेट का असली रूप है। मैं हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती थी। लॉर्ड्स में भारतीय टीम की यह जीत, हरमनप्रीत कौर और बाकी खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और मैदान पर योजनाओं को इतनी अच्छी तरह से लागू करना, मुझे नहीं लगता कि किसी को उम्मीद थी कि भारत इतना अच्छा खेलेगा।"

"हमें पता था कि उनमें हमेशा क्षमता थी, लेकिन उन्होंने इंग्लैंड को पछाड़ दिया। हमने दोनों पारियों में दबदबा बनाए रखा। क्रांति गौड़ का पांच विकेट लेना और हरमनप्रीत का उनके डेब्यू से ही उन पर भरोसा दिखाना शानदार था। वहीं, यास्तिका भाटिया का चोट से उबरकर आना, जबकि उनका वर्ल्ड कप अच्छा नहीं रहा था। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा जताया और उनका साथ दिया। मुझे लगता है कि लड़कियों ने वाकई बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।"

निरंजना ने पहली पारी में हरमनप्रीत और मंधाना की शानदार पारियों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, "पहली पारी में हरमनप्रीत और स्मृति की शानदार पारियां रहीं और यह पूरी टीम की मिली-जुली कोशिश थी। एक टीम के तौर पर हम दिन-ब-दिन बेहतर हो रहे हैं और जब आप इस भारतीय क्रिकेट टीम को देखते हैं, तो हमेशा सुधार ही दिखता है। हम सभी को अच्छा करते हुए देख रहे हैं और खिलाड़ी एक-दूसरे के अच्छे प्रदर्शन से खुश हैं।"

पूर्व क्रिकेटर ने माना कि "क्रिकेट के मक्का"(लॉर्ड्स) में मिली जीत का असर तुरंत भारत में महिला घरेलू क्रिकेट सर्किट पर दिखेगा। "उन्हें अब पता है कि अगर वे अच्छा खेलती हैं, तो घरेलू क्रिकेट का स्तर बेहतर होगा। वे लड़कियां प्रेरणा के लिए भारतीय टीम की ओर देख रही हैं। इसलिए, निश्चित रूप से इस टेस्ट जीत का घरेलू क्रिकेट और लंबे फॉर्मेट वाले इंटर-जोनल मैचों पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। निश्चित रूप से, भारतीय प्लेयर्स वापस आकर घरेलू क्रिकेट खेलना चाहेंगी और घरेलू क्रिकेट की क्वालिटी और प्रदर्शन बेहतर होगा, क्योंकि भारत ने एक टेस्ट मैच जीता है और इसके बाद उनके लिए और भी टेस्ट मैच होंगे और सिलेक्शन का तरीका भी प्रतिस्पर्धी होगा। इसी वजह से भारतीय महिला क्रिकेट और कुल मिलाकर घरेलू क्रिकेट के लिए यह जीत बहुत फायदेमंद साबित होगी।"

भारत के लिए दो टेस्ट, 22 वनडे और 14 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली निरंजना ने लॉर्ड्स के खास माहौल का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे टीम ने मौके की अहमियत को समझा और ऐतिहासिक जगह के दबाव में आए बिना अपने काम पर ध्यान दिया। "लॉर्ड्स में खेलना हमेशा खास होता है। इस मैदान की हर चीज इतिहास से जुड़ी है। यह बहुत शानदार है और इसका अपना महत्व है। एक क्रिकेटर के तौर पर हर कोई लॉर्ड्स में खेलने का सपना देखता है। मुझे लगता है कि भारतीय खिलाड़ियों को यह मौका मिला है। कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि आप इसके शानदार माहौल से प्रभावित हो जाएं कि हां, मुझे लॉर्ड्स में खेलने का मौका मिल रहा है और यही मेरे लिए काफी है।"

उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, उनमें ऐसा रवैया नहीं है। लॉर्ड्स में खेलना अच्छी बात है, लेकिन प्रदर्शन ज्यादा जरूरी है और 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर होने के नाते लड़कियों को अच्छा प्रदर्शन करते देखना बहुत अच्छा लगता है और मुझे उन पर बहुत गर्व और खुशी है। उन्हें जो पहचान मिल रही है, वे उसकी हकदार हैं। पहले अक्सर कहा जाता था कि महिला क्रिकेटरों को उतना ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन अब लड़कियों ने यह पहचान अपनी मेहनत से हासिल की है। अगर उन पर ध्यान दिया जा रहा है, तो यह उनके प्रदर्शन की वजह से है, न कि इसलिए कि वे महिलाएं हैं या ऐसा कुछ और। उन्होंने खुद को साबित किया है कि वे वर्ल्ड स्टेज पर खेलने के काबिल हैं और हम वर्ल्ड लीडर बन सकते हैं; वे हर फॉर्मेट में यह साबित कर रही हैं।"

निरंजना ने माना कि टी20 में भारतीय महिला क्रिकेट को अभी थोड़ा और काम करना होगा। उन्होंने कहा, "हां, हम टी20 में थोड़ा और बेहतर कर सकते हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट और वनडे में मुझे लगता है कि अब हमें हराना मुश्किल है। हम दुनिया में कहीं भी जाएं, कड़ी टक्कर देते हैं और अब हम फेवरेट माने जाते हैं। फिटनेस, स्किल लेवल और मैदान पर दिखाई देने वाली मानसिकता के मामले में भारतीय खिलाड़ियों ने जो बेंचमार्क सेट किया है, वह वाकई शानदार है।"

महिलाओं का रेड-बॉल क्रिकेट अभी भी सिर्फ एक-एक मैच के तौर पर खेला जाता है, लेकिन निरंजना का मानना ​​है कि लॉर्ड्स टेस्ट के बेहतरीन स्तर से यह साबित होता है कि इंटरनेशनल शेड्यूल में बदलाव करके लंबी और कई मैचों वाली सीरीज शामिल की जानी चाहिए। "जब आप पुरुषों का क्रिकेट देखते हैं, तो लोग हमेशा मैच देखने आते हैं। मतलब यह है कि एक दर्शक के तौर पर आप चाहेंगे कि वे रन बनाएं, न कि ऐसा मैच देखें जिसमें टीम 100 रन पर ही ऑलआउट हो जाए। शायद इसी वजह से जब महिला क्रिकेट ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बना रहा था, तब ज्यादातर वनडे या टी20 मैच खेले जाते थे, क्योंकि उनमें ज्यादा रोमांच होता है।"

उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, असली टेस्ट और असली हुनर ​​तो लाल गेंद के फॉर्मेट में ही परखा जाता है। इसी कारण अब ग्लोबल स्तर पर महिला क्रिकेट में टेस्ट मैचों की संख्या बढ़ाने का सही समय है। जैसे, तीन या पांच मैचों की टेस्ट सीरीज रखी जाए, क्योंकि अब हम चार दिन तक खेल सकते हैं। ऐसा नहीं है कि टीम एक ही दिन में ऑलआउट हो जाए और मैच 2-3 सेशन में ही खत्म हो जाए। लड़कियां तीन-चार सेशन तक बैटिंग करती हैं और फिर अगले दिन आकर गेंदबाजी भी करती हैं।"

क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों ने आकर महिला क्रिकेटरों से मुलाकात की और कहा कि भले ही दूसरी टीमें भी ऐसा कर लें, लेकिन आप हमेशा वो पहली टीम रहेंगी जिसने यहां ऐसा कारनामा किया है। एक दिग्गज खिलाड़ी के ऐसे शब्द भारतीय प्लेयर्स को आने वाले टेस्ट मैचों में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए बहुत प्रेरित करेंगे। मेरी इच्छा है कि भारत भविष्य में और अधिक टेस्ट मैच खेले।"

--आईएएनएस

एसएम/पीएम

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