Samachar Nama
×

जापान ओपन: फाइनल में लेहेका पर अल्काराज की जीत, खिताब बचाने वाले तीसरे खिलाड़ी बने

टोक्यो, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कार्लोस अल्काराज ने मंगलवार को 'जापान ओपन' के फाइनल में जिरी लेहेका को 7-6(4), 6-4 से शिकस्त देकर अपना खिताब बरकरार रखा। टोक्यो के एरियाके कोलिजीयम में खेले गए मुकाबले की शुरुआत में अल्काराज की सर्विस टूटी और उन्हें पहला सेट जीतने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन चेक खिलाड़ी के खिलाफ 96 मिनट तक चले मुकाबले में उन्होंने जीत हासिल कर ली।

टोक्यो, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कार्लोस अल्काराज ने मंगलवार को 'जापान ओपन' के फाइनल में जिरी लेहेका को 7-6(4), 6-4 से शिकस्त देकर अपना खिताब बरकरार रखा। टोक्यो के एरियाके कोलिजीयम में खेले गए मुकाबले की शुरुआत में अल्काराज की सर्विस टूटी और उन्हें पहला सेट जीतने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन चेक खिलाड़ी के खिलाफ 96 मिनट तक चले मुकाबले में उन्होंने जीत हासिल कर ली।

स्पेन के अल्काराज जापान ओपन का खिताब बचाने वाले तीसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। वह साल 1994 के बाद ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। अल्काराज से पहले, स्टीफन एडबर्ग ने 1989 से 1991 तक लगातार तीन बार और पीट सम्प्रास ने 1993 और 1994 में खिताब अपने नाम किया था।

फरवरी के बाद यह उनकी पहली खिताबी जीत है, क्योंकि कलाई की चोट के कारण वह महीनों तक खेल से दूर रहे थे और जीत की राह पर लौटने से वह खुश हैं।

एटीपी के अनुसार, कार्लोस अल्काराज ने जीत के बाद कहा, "मैं फिर से ट्रॉफी जीतने में कामयाब होने पर बहुत खुश हूं। काफी समय हो गया था, और जाहिर है कि चोट के बाद यह जीत और भी खास है। वापसी के बाद, अपने दूसरे ही टूर्नामेंट में ट्रॉफी जीतना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं। यह हफ्ता मुश्किल भरा था। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा पाया, लेकिन मैंने सही समाधान खोजे। मुझे लगता है कि आखिर में यही मायने रखता है। आज का मैच इस हफ्ते का सबसे अच्छा मैच था, या कम से कम मेरे खेलने के स्तर के हिसाब से सबसे ज्यादा नियमित था।"

अल्काराज मैच के पहले ही गेम में अपनी सर्विस हार गए थे, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए वर्ल्ड नंबर 19 खिलाड़ी की सर्विस तोड़कर स्कोर 3-3 से बराबर कर लिया। मैच टाई-ब्रेकर तक पहुंचा, जिसमें अल्काराज 2-4 से पीछे थे, लेकिन वहां से उन्होंने सेट जीत लिया। बाद में अल्काराज ने दूसरे सेट में चेक स्टार की सर्विस तोड़कर मैच जीत लिया।

अल्काराज ने माना कि चोट के समय उन्हें ट्रॉफी जीतने को लेकर शक था। उन्होंने कहा, "जाहिर है, मन में कई नकारात्मक विचार आते हैं। क्या मैं ठीक होकर वापसी कर पाऊंगा? क्या मैं पहले जैसा हो पाऊंगा? क्या मैं बिना किसी दर्द के सामान्य रूप से गेंद को हिट कर पाऊंगा? मेरे मन में कई विचार आए, लेकिन मैंने हर बार उन विचारों को दूर करने की कोशिश की। मेरी टीम और मुझे पता था कि अगर मैं वापसी करता हूं, तो मुझे शत प्रतिशत फिट महसूस होना चाहिए। अगर मुझे कुछ भी महसूस होता है, तो वापसी का कोई मतलब नहीं होगा, इसलिए मुझे हर शॉट और हर गेंद पर पूरी ताकत लगानी थी। मुझे अपनी टीम पर भरोसा था, खुद पर भरोसा था, और सब कुछ सही रहा।"

--आईएएनएस

आरएसजी

Share this story

Tags