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जमशेदपुर एफसी का कामकाज बंद करना भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा झटका: गुरप्रीत संधू

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने रविवार को जमशेदपुर एफसी के कामकाज बंद करने के फैसले पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय फुटबॉल के लिए एक 'बड़ा नुकसान' है और टाटा ग्रुप से इस फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की।

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने रविवार को जमशेदपुर एफसी के कामकाज बंद करने के फैसले पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय फुटबॉल के लिए एक 'बड़ा नुकसान' है और टाटा ग्रुप से इस फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की।

टाटा ग्रुप की इस फ्रेंचाइजी ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अपने मौजूदा डूरंड कप अभियान के खत्म होने के बाद इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से हट जाएगी। आईएसएल में आगे न खेलने के फैसले के साथ, भारतीय फुटबॉल में टाटा ग्रुप की मौजूदगी अब केवल जमशेदपुर स्थित टाटा फुटबॉल एकेडमी को चलाने तक ही सीमित रह जाएगी।

गुरप्रीत ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, "कुछ क्लब फुटबॉल से कहीं बढ़कर होते हैं। वे स्थिरता, भरोसे और खेल के विकास के प्रति लंबे समय की प्रतिबद्धता का प्रतीक होते हैं। जमशेदपुर एफसी का अपनी फर्स्ट-टीम का कामकाज बंद करने का फैसला न केवल क्लब के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा नुकसान है।"

आईएसएल में अपने नौ सीजन के दौरान, जमशेदपुर एफसी ने एक बार लीग विनर्स शील्ड जीती। हेड कोच ओवेन कॉयल के नेतृत्व में 2021/22 में उन्होंने यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। उस शानदार खिताबी जीत के अलावा, क्लब केवल एक और बार आईएसएल प्लेऑफ में पहुंचा; यह उपलब्धि उन्होंने 2024/25 में खालिद जमील के नेतृत्व में हासिल की थी।

गुरप्रीत आईएसएल में बेंगलुरु एफसी के लिए खेलते हैं। उन्होंने कहा, "टीएफए और जमशेदपुर एफसी के जरिए, टाटा ग्रुप ने भरोसे, निवेश और विकास की एक ऐसी विरासत बनाई है जिसकी जगह आसानी से नहीं ली जा सकती। उम्मीद है कि खिलाड़ी और स्टाफ आगे बढ़ जाएंगे, लेकिन ऐसी नींव बनाने में दशकों लग जाते हैं। ऐसे फैसले कभी आसान नहीं होते और अक्सर व्यावसायिक हकीकत के कारण लिए जाते हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि अभी भी इस पर फिर से सोचने की गुंजाइश है। भारतीय फुटबॉल को ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो इसके भविष्य पर भरोसा बनाए रखें। उम्मीद है कि यह आखिरी अध्याय नहीं है।"

इससे पहले, भारत के स्टार फुटबॉलर सुनील छेत्री ने 2026/27 सीजन से पहले इंडियन सुपर लीग से हटने के उनके फैसले को 'गहरा झटका' बताते हुए कहा, "भारतीय फुटबॉल में स्टेकहोल्डर (हिस्सेदार) बने रहने के लिए बहुत कुछ करना पड़ता है। कुछ समय से हालात ऐसे ही रहे हैं, लेकिन जब आस-पास सब कुछ बिखरता हुआ दिखे, तो आप एक-दूसरे का साथ बनाए रखने के लिए परिवार पर भरोसा करते हैं। अक्सर, आप भरोसे के लिए घर के बड़ों के पास ही जाते हैं। टाटा ग्रुप में आप सभी, पहले टीएफए और फिर जमशेदपुर एफसी के जरिए, हमारे मजबूत स्तंभों में से एक रहे हैं। यह जानना कि जमशेदपुर ने अपनी फर्स्ट टीम का कामकाज बंद कर दिया है, एक गहरा झटका है।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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