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आईपीएल 2026 से पहले सख्त हुए नियम, मैच के दिन प्रैक्टिस पर बैन, जानिए क्या-क्या बदलाव हुए?

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी, जिससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टूर्नामेंट के दौरान टीमों के बर्ताव और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं।
आईपीएल 2026 से पहले सख्त हुए नियम, मैच के दिन प्रैक्टिस पर बैन, जानिए क्या-क्या बदलाव हुए?

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी, जिससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टूर्नामेंट के दौरान टीमों के बर्ताव और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं।

नए नियमों के तहत मैच के दिन प्रैक्टिस सेशन पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा, टीमों को अपनी सारी तैयारी सिर्फ तय समय के दौरान तय नेट्स में ही करनी होगी। अब खुले में प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी। फ्रेंचाइजी दूसरी टीमों के लिए तय पिचों का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं, भले ही वे पहले से खाली क्यों न हों।

प्रत्येक टीम को मेन स्क्वायर पर दो नेट्स और एक साइड विकेट मिलेगा। मुंबई जैसे स्टेडियम के लिए खास इंतजाम किए गए हैं, जहां प्रत्येक टीम को एक ही समय पर प्रैक्टिस करने के लिए दो विकेट मिलेंगे। मैच के दिनों में फिटनेस ड्रिल और टेस्ट पर भी बैन होगा। सिर्फ खिलाड़ी और स्टाफ ही प्रैक्टिस एरिया में जा सकते हैं। परिवार के सदस्यों को 'हॉस्पिटैलिटी जोन' में ही रहना होगा।

बीसीसीआई ने टीमों की आवाजाही और सपोर्ट स्टाफ की भूमिकाओं से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए हैं। अब खिलाड़ी सिर्फ टीम बस से ही प्रैक्टिस सेशन के लिए जा सकते हैं, उनके साथ परिवार के सदस्य नहीं जा सकते। फ्रेंचाइजी को नेट बॉलर्स और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट की जानकारी बोर्ड की मंजूरी के लिए देनी होगी।

मैच के दिनों में सभी सपोर्ट स्टाफ के पास हर समय अपना 'एक्रेडिटेशन कार्ड' होना जरूरी है। नियम तोड़ने पर चेतावनी मिलेगी। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

कुछ और निर्देशों के तहत, खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के दौरान एलईडी एडवरटाइजिंग बोर्ड पर गेंद मारने से मना किया गया है। खिलाड़ी इन बोर्ड के सामने बैठ भी नहीं सकते। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों के बैठने के लिए अलग से इंतजाम होंगे।

नए नियमों में ब्रॉडकास्ट और प्रेजेंटेशन के स्टैंडर्ड भी शामिल हैं। ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को मैच के दिनों में अपनी कैप पहनना होगा, या कम से कम मैच की शुरुआत के कुछ ओवरों तक इससे पहनना होगा, ताकि ब्रॉडकास्ट के दौरान वे साफ नजर आ सकें।

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान खिलाड़ियों को ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करना होगा। बिना आस्तीन वाली जर्सी और ढीली-ढाली टोपियां पहनने की अनुमति नहीं है।

पिछले नियमों के अनुसार, मैच के दिन के लिए तय किए गए एरिया में टीम डॉक्टरों सहित केवल 12 सपोर्ट स्टाफ सदस्यों को ही जाने की अनुमति होगी। अगर फ्रेंचाइजी अपनी जर्सी के नंबर बदलना चाहती हैं, तो उन्हें बीसीसीआई को कम से कम 24 घंटे पहले इसकी सूचना देनी होगी।

--आईएएनएस

आरएसजी

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