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भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, श्रीलंका को 147 रन से हराकर जीता गोल्ड; स्मृति-ऋचा ने मचाया धमाल
 

भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, श्रीलंका को 147 रन से हराकर जीता गोल्ड; स्मृति-ऋचा ने मचाया धमाल

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 147 रन के बड़े अंतर से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में अपना पहला गोल्ड मेडल हासिल किया।
टीम की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, कौशल और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह सफलता देश के युवा क्रिकेटरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।


स्मृति और शेफाली ने दिलाई तेज शुरुआत
फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पावरप्ले के छह ओवर में बिना विकेट गंवाए 59 रन जोड़ दिए।
स्मृति ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने सुगंधिका कुमारी के ओवर में लगातार दो छक्के लगाए। इसके बाद शेफाली ने भी बड़े शॉट लगाते हुए रन गति को तेज बनाए रखा।
दोनों के बीच 60 गेंद में 99 रन की साझेदारी हुई। शेफाली 29 गेंद में 48 रन बनाकर आउट हुईं। उनकी पारी में तीन छक्के और तीन चौके शामिल रहे।
स्मृति ने बनाए 79 रन, ऋचा ने लगाया नाबाद 49
शेफाली के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने 17 गेंद में 19 रन बनाए। वहीं स्मृति मंधाना शानदार लय में नजर आईं और 45 गेंद में 79 रन की पारी खेली। उन्होंने सात छक्के और पांच चौके लगाए।
पारी के आखिरी ओवरों में ऋचा घोष ने तेजी से रन बटोरे। उन्होंने 22 गेंद में नाबाद 49 रन बनाए, जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे।
भारतीय टीम ने 20 ओवर में तीन विकेट खोकर 216 रन बनाए। यह एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर रहा।


भारतीय गेंदबाजों के सामने श्रीलंका की पारी लड़खड़ाई
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पावरप्ले के दौरान टीम ने दो विकेट गंवा दिए और रन बनाने की रफ्तार भी धीमी रही।
श्रीलंकाई कप्तान चामरी अटापट्टू ने 29 रन बनाकर कुछ देर पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन दीप्ति शर्मा की गेंद पर वह भी कैच आउट हो गईं। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट हासिल किए।
श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने भी महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। भारतीय स्पिनरों के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज टिक नहीं सके और पूरी टीम 15.4 ओवर में महज 69 रन पर ऑलआउट हो गई।
दीप्ति शर्मा ने झटके तीन विकेट
भारत की ओर से दीप्ति शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने छह रन देकर तीन विकेट हासिल किए। शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी को दो-दो विकेट मिले।
भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम के शानदार प्रदर्शन ने फाइनल को एकतरफा बना दिया।
 

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