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मणिपुर के सीएम ने खिलाड़ियों से कहा- योगासन के वैश्विक खेल भविष्य के लिए खुद को तैयार करें

इंफाल, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा में निहित योगासन में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल विधा के रूप में उभरने की क्षमता है। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों से वैश्विक चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के लिए खुद को तैयार करने का आह्वान किया।

इंफाल, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा में निहित योगासन में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल विधा के रूप में उभरने की क्षमता है। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों से वैश्विक चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के लिए खुद को तैयार करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री इंफाल के खुमान लंपक मेन इंडोर स्टेडियम में 38वीं राष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप-2026 और 12वीं विश्व योगासन चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। 12वीं विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन अगले वर्ष थाईलैंड में किया जाएगा।

इस चैंपियनशिप का आयोजन मणिपुर योग सोसाइटी, इंफाल ने ऑल इंडिया योग कल्चर फेडरेशन के सहयोग से किया है।

भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं के महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की शास्त्रीय भाषाओं में से एक संस्कृत में देश के बाहर भी रुचि बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यूरोप में अकादमिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी संस्कृत को लेकर दिलचस्पी देखी जा रही है।

योग से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए खेमचंद सिंह ने कहा कि वह वर्ष 2014 से जमीनी स्तर पर योग को बढ़ावा देने से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में आयोजक के रूप में काम करने के दौरान सेवा भारती से जुड़े योग शिक्षक विभिन्न धार्मिक और पवित्र स्थलों पर जाकर लोगों को योग सिखाते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने योग के शरीर, मन और आत्मा पर पड़ने वाले लाभों के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने वाले कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014 में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस स्थापित करने की पहल को भी याद किया। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसे 177 देशों ने सह-प्रायोजित किया था।

मुख्यमंत्री ने हॉकी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत का हॉकी से लंबे समय से जुड़ाव रहा है, लेकिन अलग-अलग समय में पर्याप्त तैयारी नहीं होने के कारण देश को उच्चतम स्तर पर अपना दबदबा कायम रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने भारतीय योगासन खिलाड़ियों से वैश्विक और विश्व चैंपियनशिप में मजबूत प्रदर्शन के लिए पूरी तैयारी करने और आगे चलकर ओलंपिक में भी प्रतिस्पर्धा करने की दिशा में खुद को तैयार करने का आह्वान किया।

विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे अपील की कि वे अपने-अपने स्थानों पर लौटते समय मणिपुर से शांति का संदेश लेकर जाएं।

मणिपुर के गृह एवं युवा मामले और खेल मंत्री कोंथौजाम गोविंदास सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में योग को वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व पहचान मिली है और भारत इस प्राचीन परंपरा को विश्व मंच तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि योगासन केवल शारीरिक अनुशासन नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, एकाग्रता, शारीरिक फिटनेस, मानसिक संतुलन, आत्मसंयम और दृढ़ता को भी बढ़ावा देता है। इससे शरीर और मन के बीच सामंजस्य स्थापित करने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने आधिकारिक रूप से चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से बातचीत की और उन्हें चैंपियनशिप तथा चयन ट्रायल के लिए शुभकामनाएं दीं।

यह आयोजन 2 से 4 अक्टूबर तक चलेगा। इसी दौरान वर्ष 2027 में थाईलैंड में होने वाली 12वीं विश्व योगासन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के चयन हेतु ट्रायल भी आयोजित किया जा रहा है।

चैंपियनशिप की थीम “स्वास्थ्य, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के लिए योगासन” रखी गई है।

--आईएएनएस

डीएससी

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